Friday, October 23, 2026
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बलजिन्दर मान की बाल पुस्तक ’’खेडां मिंकू तथा चिंटू दीयां’’ एस.अशोक भौरा द्वारा लोक अर्पण

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। साहित्य सदन होशियारपुर तथा एलायन्स क्लब ग्रेटर की ओर से शिरोमणि पंजाबी बाल साहित लेखक बलजिन्दर मान की बाल पुस्तक ’’खेडां मिंकू तथा चिंटू दीयां’’ का लोक अर्पण समागम किया गया जिसमें अन्तर्राष्ट्रीय लेखक तथा पत्रकार एस.अशोक भौरा बतौर मुख्य मेहमान, डा. हरजिन्दर सिंह ओबराये विशेष मेहमान, जसवन्त राये ज़िला भाषा अधिकारी, एडवोकेट एस.पी.राणा प्रधान डिस्ट्रिक टैक्सेशन बार, एक्टर-डायरैक्टर ऐली अशोक पुरी, बलजिन्दर मान, बाल साहित्य लेखिका अंजू वी.रत्ती तथा डिस्ट्रिक गर्वनर ऐली रमेश कुमार विशेष तौर पर उपस्थित हुये।

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लोक अर्पण इस समारोह में बोलते हुये एस.अशोक भौरा ने कहा कि बलजिन्दर मान पिछले चार दशकों से बाल साहित्य के क्षेत्र में अपनी सरगरम भूमिका अदा कर रहा है। उसने सृजना, संपादना, प्रकाशन तथा अनुवाद के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है। आज रिलीज़ की जा रही पुस्तक ’’खेडां मिंकू तथा चिंटू दीयां’’उनकी बाल चित्रकथाओं की एक रोचक रचना है। उन्होंने आगे कहा कि जो साहित्यकार अपनी विद्वतापूर्ण रचनाओं में भरते हैं उनको पाठक नहीं मिलते पर जो लोगों की बात, लोगों की भाषा में सरल तथा स्पष्ट करते हैं उनके बहुत पाठक हैं। इसलिये हर साहित्यकार को लोकभाषा में साहित्या की सृजना करनी चाहिये। उन्होंने कुछ कथायें भी पेश कीं जो लोगों के दिलों में घर कर गईं। अपनी जीवन यात्रा पर प्रकाश डालते हुये कहा कि वो दुनियां के 45 देशों में जा चुके हैं तथा वहां के साहित्य, सभ्याचार तथा तंत्र के बारे दर्जनों पुस्तकें लिख चुके हैं।

इस अवसर पर उनका स्वागत करते हुये एक्टर-डायरैक्टर ऐली अशोक पुरी ने कहा कि अशोक भौरा ने विश्व स्तर पर पंजाबी सभ्याचार तथा मातृभाषा के प्रचार तथा प्रसार में सराहनीय कार्य किया तथा कर रहे हैं। ज़िला भाषा अफसर डा. जसवंत राये  ने बलजिन्दर मान के साहित्य सृजना पर बोलते हुये कहा कि वाह अकेला योद्धा मातृ भाषा के प्रचार तथा प्रसार के लिये बाल साहित्य तथा बाल रसाले निक्कियां करूबंला द्वारा बच्चों को अपनी अमीर विरासत के साथ जोड़ रहा है। उसकी रचना का मनोरथ नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार देना है। इस अवसर पर विशेष मेहमान के तौर पर डा. जसविन्दर सिंह ओबराये ने कहा कि निक्कियां करूबंला जैसे रसाले तथा बाल पुस्तकें हर घर में पहुंचने चाहिये। ऐसा करने से ही हम अपने बच्चों को मातृ भाषा के साथ जोड़ सकते हैं।

बग्गा सिंह आर्टिस्ट तथा पंजाबी साहित्य सभा के अध्यक्ष जसवीर सिंह धीमान ने पुस्तक में शामिल चित्रों की प्रशंस करते हुये कहा कि सुखमन सिंह के चित्र बाल मनों को छूते हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के साथ इस क्षेत्र में शानदार मुकाम हासिल कर लिया है। बाल साहित्य लेखिका अंजू वी.रत्ती तथ रघवीर सिंह कलोआ ने कहा कि पुस्तक में दर्ज चित्रकथायें बच्चों को मनोरंजन तथा शिक्षा प्रदान करने वाली हैं। पुस्तक रिलीज़ समारोह में डॉ.कुलदीप सिंह पूर्व प्रोग्राम अफसर, बलबीर सिंह, सचिन शर्मा, आर्टिटैक्चर हरदयाल सिंह, शायर कुलतार सिंह कुलतार, ऐली एडवोकेट एस.पी.राणा, डिस्ट्रिक गर्वनर ऐली रमेश कुमार, ऐली पुष्पिन्द्र शर्मा, हरवीर मान सहित बच्चे, साहित्य प्रेमी तथा साहित्यकार शामिल हुये।

   

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