
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। आज की जरूरत यह है कि सभी भारतवासी विशेषकर हिंदू समाज केवल जन्माष्टमी उत्सव के रूप में ही न मनाएं, अपितु भगवान श्रीकृष्ण जी के जीवन से शिक्षा लेकर दुष्टों के दमन और विधर्मियों के षड्यंत्रों से निपटने की भी तैयारी करनी है। आज की आवश्यकता यह है कि हर बालक को भगवान श्रीकृष्ण जी के बचपन की कहानियां सुनाई जाएं। केवल रासलीला नहीं, अपितु 11 वर्ष की आयु में उन्होंने कए दर्जन से ज्यादा राक्षसों को मार दिया।

14 से 16 वर्ष की आयु के बीच कंस समेत कई दुष्टों का दमन किया। हर घर में ही श्रीमद्भागवत गीता होनी चाहिए, वहीं हर हृदय में भी गीता का संदेश हो तभी सारा देश सारा हिंदू समाज बड़े संकल्प के साथ स्वर्ग में जाने का नहीं, अपितु इस धरती को ही स्वर्ग बनाने में लग जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के संदेश गीता के रूप में हमारा राष्ट्रीय संदेश है भारत सरकार को गीता ग्रंथ पाठ्यक्रम में शामिल करके देशवासियों को जन्माष्टमी का उपहार देना चाहिए।











