
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्टः रजनीश शर्मा। विश्व हिंदू परिषद के 60 वर्ष पूर्ण होने पर हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक प्रखंड में 200 से अधिक मंच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी प्रांत मंत्री अधिवक्ता तुषार डोगरा ने हमीरपुर जिला के भोरंज प्रखंड के आवाहदेवी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में दी। इस कार्यक्रम में तुषार डोगरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे तथा दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम की शुरुआत की उन्होंने विधिवत शुरुआत की। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना जन्माष्टमी के दिन 1964 में मुंबई के संदीपनी ने आश्रम में आरएसएस के द्वितीय सरसंघ चालक पूजनीय गुरु जी तथा विभिन्न संतो के नेतृत्व में की गई। जिसका उन्होंने उद्देश्य तय किया कि पूरे विश्व के हिंदुओं के क्षेत्र में कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद एक धार्मिक सामाजिक व गैर राजनीतिक संगठन है, जो हिंदू समाज की मान बिंदुओं की रक्षा करने के लिए, संतो के मान सम्मान के लिए, मठ मंदिरों की सुरक्षा के लिए, बहनों को लव जिहाद से बचने के लिए, गौस्कारों से गाय को मुक्त करवाने के लिए, सेवा कार्यों के लिए समाज के अंदर काम कर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि 1964 के संत सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद के सभी धर्माचार्य ने मिलकर कहा कि सभी हिंदू हिंदू भाई हैं तथा विश्व हिंदू परिषद का लक्ष्य समरस समाज की स्थापना करना है। उन्होंने कहा कि 1984 से विएचपी ने राम मंदिर का आंदोलन अपने हाथ में लिया तथा सडक़ से लेकर संसद तक मंदिर से लेकर कोर्ट तक प्रत्येक लड़ाई को जीता 2019 में माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश में हिंदुत्व की जीत हुई तथा 2024 में 22 जनवरी को राम मंदिर का भगवान विराजमान हुए। विश्व हिंदू परिषद सेवा सुरक्षा संस्कार की भावना को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकर्ता पूरे देश में हजारों सेवा केदो में अनुसूचित जाति जनजाति के लाखों लोग लाभांवित हो रहे हैं। अर्चक पुरोहितों के प्रशिक्षण में अनुसूचित जाति व जनजाति की सहभागिता को भी बढ़ा रहे है। इस मौके पर आवाहदेवी मंदिर कमेटी के प्रधान सुरजीत ठाकुर , रूप लाल , आरएसएस तथा विश्व हिंदू परिषद के विभिन्न वर्गों के पदाधिकारी मौजूद रहे।












