
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में भेड़ियों का आतंक है और जिले के गांवों में गरीबी की हालत यह है कि अनेकों घरों के दरवाजे ही नहीं है। किसी ने चादर लगाकर रखी है, किसी ने चटाई और भेड़िये उन्हीं घरों से बच्चे या कोई भेड़ बकरी आदि उठाकर ले जा रहे हैं जहां दरवाजे नहीं हैं। वैसे यह आश्चर्य की बात है कि जो देश तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की बात कर रहा है जो सेंसेक्स 87 हजार से अधिक की खबर दे रहा है, जहां अनेकों अरबपति और दुनिया के सबसे बड़े अमीर हैं उस देश के असंख्य लोगों के कच्चे घरों के बाहर पक्के दरवाजे ही नहीं लग सके।

हमारे संसद सदस्यों को करोड़ों रुपये अनुदान के रूप में क्षेत्र के विकास के लिए मिलता है। और भी कई तरह की सरकारी योजना के लिए करोड़ों रुपये वे अपने अपने क्षेत्र में लेकर जाते हैं। क्या उन्हें दिखाई नहीं दिया कि उनके ही मतदाता उत्तरप्रदेश के लोग नरक की जिंदगी काट रहे हैं। जिस घर में दरवाजा ही नहीं, वे कितने बेबस, बेसहारा और गरीब होंगे। सांसद और विधायक यह दर्द क्यों नहीं महसूस करते? प्रधानमंत्री जी से अपील है कि अपने लोगों की इस मजबूरी को भी देखें और सभी सांसदों को यह आदेश दें कि एक वर्ष के अंदर अंदर जितनी भी ग्रांट उनको मिलती है वे सारी गरीबों के घरों के दरवाजे और दीवारें पक्की करवाने पर लगाएं अन्यथा तीसरी अर्थव्यवस्था बन भी जाए तो उन लोगों को क्या लाभ जिनके बच्चे भेड़िये उठाकर ले जा रहे हैं, क्योंकि उनके घरों में दरवाजे नहीं हैं।










