
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पीजीआई चंडीगढ़ में एक रोगी के रिश्तेदार द्वारा डाक्टर पर हाथ उठाना बहुत ही निंदा योग्य है। ऐसे लोगों को कानून द्वारा कठोर दंड दिया जाना चाहिए, पर मेरी डाक्टरों से भी यह अपील है कि एक परिवार की गलती के लिए वह बाकी सारे मरीजों का इलाज बंद कर दें, यह किसी तरह से भी अच्छा नहीं। जानकारी के अनुसार डाक्टरों द्वारा इमरजेंसी सेवा रोकने के बाद एक महिला की मौत भी हो गई। यह डाक्टरों की नैतिक शिक्षा के विरुद्ध है। मेरा डाक्टरों से यह प्रश्न है कि किसी दिन अगर किसी सैनिक या सीमा रक्षक के साथ कोई अपराध कर दे तो सारी सीमा रक्षक फोर्स या सेना युद्ध में दुश्मनों से लड़ना छोड़ दे तो क्या उचित होगा।

सैनिक तो देश के दुश्मनों से देश की रक्षा करते हैं, पर डाक्टर इससे भी बड़ा काम करते हैं। वह मौत के मुंह से जीवन को बचाते रहे। इसलिए डाक्टर समुदाय से मेरी यह करबद्ध अपील प्रार्थना है कि एक व्यक्ति की गलती का दंड सभी रोगियों को नहीं दिया जाना चाहिए। डाक्टर अपना काम करें और जिसने अपराध किया है उसको दंड देने का काम कानून करे। समाज डाक्टरों के साथ है, पर समाज यह भी आशा रखता है कि डाक्टरों की हड़ताल के कारण कोई मौत के मुंह में न चला जाए।











