
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी शिक्षा) होशियारपुर, ललिता अरोड़ा ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल शेरगढ़ में विशेष कार्यक्रम में भाग लिया और लड़कियों के सशक्तिकरण एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। यह कार्यक्रम बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें शिक्षा के महत्व से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।ललिता अरोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि लड़कियां समाज की महत्वपूर्ण धुरी हैं, और उन्हें हर प्रकार से सशक्त बनाना न केवल उनके लिए बल्कि पूरे समाज के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में लड़कियों को सिर्फ शिक्षा प्राप्त करना ही नहीं बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी कदम बढ़ाना चाहिए। आत्मनिर्भरता से न केवल वे अपने जीवन को बेहतर बना सकती हैं, बल्कि समाज में बदलाव लाने में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। डीइओ अरोड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि समाज के विकास में लड़कियों का बराबरी का स्थान होना चाहिए और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि बालिकाओं को अपने स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के अधिकारों के बारे में जागरूक होना चाहिए ताकि वे जीवन में किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकें। उन्होंने माता-पिता से भी अपील की कि वे अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए प्रोत्साहित करें और उन्हें हर क्षेत्र में बढ़ने का मौका दें।कार्यक्रम के दौरान ललिता अरोड़ा ने बालिकाओं को बताया कि सरकार द्वारा उनके लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ उठाकर वे अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं। उन्होंने लड़कियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए साहस और आत्मविश्वास रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपने निर्णय लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए, चाहे वह शिक्षा, करियर, या जीवन के अन्य पहलू हों।
अंत में डीइओ अरोड़ा ने कहा कि बालिकाओं को समाज में समानता और सम्मान से जीने का अधिकार है और इसके लिए उन्हें निरंतर संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस केवल एक दिन नहीं है, बल्कि यह हर दिन मनाया जाना चाहिए ताकि हम सभी अपनी बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बना सकें।इस अवसर पर कार्यकारी प्रिंसिपल अनिता कुमारी, सीमा शर्मा, कृष्ण गोपाल, इंदु बाला, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने इस प्रेरणादायक संदेश को ध्यान से सुना और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।












