
मुंंबई (द स्टैलर न्यूज़)। मुंंबई के बांद्रा स्टेशन से रेलगाड़ी द्वारा गोरखपुर जाने वाले लोगों की जो भगदड़ में बुरी हालत हुई, नौ लोग घायल हो गए वह तो दीपावली और छठ पूजा से पहले की सरकार को चेतावनी है। हर वर्ष जो मजदूर, गरीब अपने अपने घरों से दूर रोटी कमाने के लिए आते हैं और दीपावली तथा छठ पूजा परिवारों के साथ मनाने के लिए घर जाते हैं उन लोगों को हमेशा इसी संकट का सामना करना पड़ता है। पिछले वर्ष भी मैंने बिहार, उत्तरप्रदेश के सांसदों, विधायकों तथा रेल मंत्री से लिखा था कि यह सांसद और विधायक एक बार अपने लोगों के साथ बिना रिजर्वेशन धक्के खाते हुए गाड़ी में चढ़ें और बीस से तीस घंटों तक एक ही जगह बैग बोरी की तरह पैक होकर सफर करें, फिर उन्हें लोगों की तकलीफ का पता लगेगा।

देश के रेल मंत्री, सांसद विशेषकर बिहार यूपी के जनप्रतिनिधि क्या यह नहीं जानते कि कितने लाख लोग घरों को वापस आ रहे हैं और उनको कितनी गाड़ियां चाहिए। सही बात तो यह है कि सांसद व विधायक बनते ही जनता के नोटों के बल पर मुफ्त में हवाई यात्रा करने वाले यह नेता लोग भूल जाते हैं कि जिन लोगों के वोटों से वे आकाश में उड़ रहे हैं उन्हें जमीन पर भी जगह नहीं मिल रही। अभी भी कुछ दिन शेष हैं सरकार स्पेशल गाड़ियां इन प्रांतों के लिए चलाएं। पूरे भारत में ही इन दो प्रांतों के लोग काम कर रहे हैं और उनको अपने अपने घरों में जाना है।












