
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। अक्षय नवमीं के शुभ अवसर पर रेलवे मंडी में महिला मंडली ने आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर उसका पूजन किया और वहीं भोजन बनाने उपरांत प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर महिलाओं ने इसके इतिहास संबंधी कथा सुनाते हुए बताया कि एक बार लक्ष्मी जी भगवान विष्णु को ढूंढते हुए पृथ्वी लोक पर आईं तथा जब वे उन्हें मिले तो उन्हें काफी भूख लगी हुई थी। इस पर मां लक्ष्मी ने आंवले के वृक्ष के नीचे भगवान के लिए भोजन तैयार किया और उन्हें परोसा। उस दिन अक्षय नवमीं का दिन था और मां लक्ष्मी ने आंवले को अक्षय होने का वरदान दिया। अक्षय का अर्थ है अजर एवं अमर।

इस दिन आंवले का पूजन किया जाता है और उसके नीचे खाना बनाकर वहीं बैठकर खाया जाता है। जिसका हमारे सनातन धर्म में विशेष महत्व है तथा हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को इससे जोड़ने का विशेष प्रयास करना चाहिए। जिसके चलते हम हर साल इस दिन को बड़े उत्साह एवं श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दिन आंवले के नीचे घी के 9 दीपक भी प्रज्जवलित किए जाते हैं। जिससे घर एवं परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। इस मौके पर सुरिंदर शर्मा, परवीन शर्मा सहित बड़ी संख्या में मातृ शक्ति ने आंवला पूजन किया।












