
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। हिमाचल प्रदेश भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य प्रशिक्षण केंद्र, रिवालसर में आयोजित क्षेत्रीय स्तर के रेंजर्स आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में बतौर प्रशिक्षक योगदान देने वाले सतीश राणा और गाइड शीतल को आज विद्यालय में सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने इस अवसर पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय के सहयोगी और छात्राओं ने इस शिविर में प्रशिक्षक और प्रतिभागी के रूप में भाग लेकर विद्यालय और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। 4 दिसम्बर से 8 दिसंबर तक चलने वाले इस पांच दिवसीय शिविर में हिमाचल प्रदेश, झारखंड, नॉर्थ ईस्ट रेलवे, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की 100 रेंजर्स ने भाग लिया। प्रशिक्षक सतीश राणा, जो शितो-रिऊ कराटे में ब्लैक बेल्ट धारक हैं, ने आत्मरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक कौशल नहीं सिखाता, बल्कि बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में भी सहायक होता है।

उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। आज के समय में आत्मरक्षा का ज्ञान लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए अनिवार्य है, ताकि वे किसी भी अप्रिय परिस्थिति में आत्मनिर्भर बन सकें। इस तरह के कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास और साहस का विकास करते हैं, जो उन्हें भविष्य में समाज का एक मजबूत और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करता है। विद्यालय की गाइड शीतल और पूर्व छात्रा ज्योति ने भी इस शिविर में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत स्काउट्स गाइड्स द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, ट्रैक सूट और 3000 रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल विद्यालय के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्यक बताया। विद्यालय परिवार ने इस अवसर पर प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की। इस आयोजन ने आत्मरक्षा के महत्व को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने और समाज में इसकी आवश्यकता को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।











