Tuesday, October 13, 2026
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हमीरपुर में संजीवनी बनकर बरसे मेघ, किसानों के खिले चेहरे, गेहूं की फसल में आई जान

हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। जिला हमीरपुर में लंबे समय बाद बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। शुक्रवार  को पूरा दिन रुक-रुककर बारिश होती रही जोकि शनिवार को भी जारी रही। यह बारिश गेंहू सहित नकदी फसलों के लिए संजीवनी मानी जा रही है। इसके अलावा बारिश से लोगों को सूखी ठंड से भी निजात मिली है। लंबे समय से बारिश न होने से लोग सुखी ठंड की चपेट में आकर बीमार पड़ रहे थे, लेकिन अब लोगों को सूखी ठंड से राहत मिल पाएगी। शनिवार सुबह तक जिला में  तीन मिलीलीटर बारिश दर्ज हुई है। वहीं जिला हमीरपुर का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 4  डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।अढ़ाई माह बाद बुझी धरती की प्यास जानकारी के अनुसार पिछले दो-अढाई महीनों से बारिश नहीं होने से गेंहू की फसल को खासा नुकसान हो रहा था। फसल पीली पडऩी शुरु हो गई थी। वहीं जहां फसल को सिंचाई सुविधा नहीं थी, वहां किसान खासे परेशान थे। लेकिन बारिश ने किसानों की सारी चिंताए दूर कर दी है।  बारिश गेंहू की फसल के लिए रामबाण मानी जा रही है। किसानों प्रताप चंद, संजीव कुमार, रोशन लाल, हरबंस लाल, पवन कुमार, सुरजीत कुमार, जयराज, देशराज, भूमिराज, हंसराज, करमवीर, राकेश, दलजीत, सुरेंद्र, रवि आदि ने बताया कि बारिश गेंहू की फसल के लिए लाभदायक है।

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बारिश से गेंहू की फसल को संजीवनी मिली है। उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय से बारिश नहीं हो रही थी, जिससे फसलें सुखनी शुरु हो गई थी।फसलों में आई जान शुक्रवार और शनिवार को बारी मंदिर, झनिक्कर, बराड़ा, पंजोत, समीरपुर, उहल, कक्कड़, कोट, इत्यादि क्षेत्रों में रिमझिम तरीके से शुरू हुई बारिश से मानो लोगों की बांछे खिल गई हैं। लोगों ने बताया कि पिछले करीब तीन महीने से बारिश न होने से लोग चौतरफा से परेशान थे। जहां फसल का नुकसान हो रहा था। वहीं मौसम की बेरुखी से लोग गले की बीमारी, खांसी व बुखार आदि को लेकर हॉस्पिटल के चक्कर काट रहे थे। बारिश न होने से बहुत से छोटे किसान अभी तक गेहूं, आदि की फसल नहीं बीच पाए थे। अब अच्छी फसल होने की उम्मीद बंध गई है।

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