
नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। यमन में केरल की रहने वाली नर्स निमिषा को मौत की सजा सुनाई है। निमिषा पर एक यमनी नागरिक की हत्या का आरोप है। गौरतलब है कि यमन में निमिषा ने अपना क्लीनिक खोला था। मिली जानकारी के मुताबक उसकी यमन में आब्दो महदी नाम के शख्स के साथ दोस्ती है गई। महदी ने उसकी क्लीनिक को खोलने में मदद करने का वादा किया था। यह भी दावा किया जाता है कि महदी ने अपना वादा नहीं निभाया, बावजूद इसके निमिषा ने यमन में अपना क्लीनिक खोल लिया। जानकारी के मुताबिक, इसके बाद महदी निमिषा को परेशान करने लगा और उसे अपनी दूसरी पत्नी बताने लगा। वह बार-बार निमिषा से पैसे मांगता।

इस बात को लेकर निमिषा ने पुलिस में शिकायत भी की, जिसके बाद कुछ दिनों तक महदी को जेल में रहना पड़ा। हालांकि जब महदी जेल से वापस आया तो उसने निमिषा का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया। पासपोर्ट को महदी से वापस पाने के लिए निमिषा ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। लेकिन बेहोशी के इंजेक्शन का डोज ओवरडोज में बदल गया, और महदी की मौत हो गई। इसके बाद निमिषा ने अपनी कलीग हनान के साथ मिलकर महदी के शरीर के टुकड़े कर डाले और उसकी शरीर को पानी के टैंक में फेंक दिया।
इस मामले में साल 2018 में निमिषा को मौत की सजा सुनाई गई थी, जबकि हनान को आजीवन कैद हुई थी। यमन के राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी ने निमिषा प्रिया की फांसी को मंजूरी दे दी है।
मौत की सजा से निमिषा को बचाने के लिए ब्लड मनी देने की कोशिश की गई और राष्ट्रपति से भी माफी मांगी गई, लेकिन इनमें से कोई भी उपाय काम नहीं आया। वहीं, विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘भारत सरकार यमन की राजधानी सना की सेंट्रल जेल में बंद नर्स निमिषा प्रिया को हरसंभव सहायता दे रही है।’












