
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब में ऐसे बहुत से परिवार हैं जो धर्म परिवर्तन करके ईसाई बन गए हैं और अब मंदिर गुरुद्वारा छोड़कर चर्च में जा रहे हैं। इनमें से जो लोग आरक्षित श्रेणी के हैं वे चर्च का लाभ भी ले रहे हैं और स्कूलों कालेजों में एससी बीसी विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ भी ले रहे हैं, क्योंकि न उन्होंने अपना नाम बदला है और न ही सिख स्वरूप को छोड़ा है। सभी धार्मिक संस्थाओं को मेरा यह निवेदन है कि यह आवाज भी उठाएं और प्रयास भी करें कि अपने लोग धर्म न बदलें, अगर उनको कोई कष्ट है तो उसका समाधान हम सब मंदिर गुरुद्वारों में ही करें। फिर भी अगर कोई लालच में या दबाव में या बरगलाकर ईसाई धर्म में चले गए हैं तो उनको अपने नाम भी बदलने चाहिए।

अगर वे ईसाई बनने से पहले सिख थे तो उन्हें सिख रूप भी छोड़ना चाहिए। पंजाब सरकार यह देखे कि वे स्कूलों कालेजों में अनुचित लाभ आरक्षित वर्ग को मिलने वाले आर्थिक लाभ और स्कूलों कालेजों में दाखिले के समय मिलने वाली रियायतें न ले जाएं, क्योंकि वे हमारे कमजोर वर्ग के लिए हैं धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए नहीं।












