
मानसा (द स्टैलर न्यूज़)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम झोटा के परिवार की मांग पर उठाया गया है। भगवंत मान ने पंजाबी में किए पोस्ट में कहा कि सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई में झोटा के पिता और परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उसने दुकान संचालक अश्वनी से नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर विरोध जताया था।

घटना फेसबुक लाइव पर प्रसारित हुई थी। इस दौरान झोटा के चार साथी भी घायल हो गए थे। झोटा के पिता और पूर्व सैनिक भीम सिंह तथा मामले में न्याय की मांग कर रही एक्शन कमेटी ने हत्या की सीबीआई जांच की मांग उठाई थी। परिवार ने मामले में सरकार और पुलिस की जवाबदेही तय करने की भी मांग की थी। परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि झोटा ने कथित तौर पर दुकान संचालक अश्वनी से नशे की बिक्री को लेकर विवाद किया था। घटना फेसबुक लाइव पर प्रसारित हुई थी। इस दौरान झोटा के चार साथी भी घायल हो गए थे। झोटा के पिता भीम सिंह, जो पूर्व सैनिक हैं, लगातार मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। परिवार और कार्रवाई समिति ने घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने तथा सरकार और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई थी।












