
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। अकाल तख्त ने पंजाब के पायल से आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को ‘तनखाहिया’ घोषित कर दिया है। उन पर स्वर्ण मंदिर के सेवादारों पर जातिगत भेदभाव के झूठे आरोप लगाने और सिख संस्थाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। अकाल तख्त ने सिखों से ग्यासपुरा के साथ किसी भी तरह का संबंध न रखने का निर्देश भी दिया। यह फैसला अमृतसर स्थित अकाल तख्त सचिवालय में पांच सिंह साहिबानों की बैठक में लिया गया। अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि 12 अक्तूबर को आप विधायकों और अन्य नेताओं के एक समूह को सचिवालय में प्रवेश से रोके जाने के बाद ग्यासपुरा ने सेवादारों पर जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए थे। जत्थेदार के अनुसार, उनकी टिप्पणियों से दुनियाभर के सिखों की भावनाएं आहत हुईं। जत्थेदार ने बताया कि सचिवालय पहुंचे आप विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वीकार किया कि ग्यासपुरा ने राजनीतिक लाभ के लिए जाति का मुद्दा उठाया था।

विधायकों ने माना कि 12 अक्तूबर की घटना के बाद उन्होंने मीडिया के सामने ग्यासपुरा के आरोपों का खंडन नहीं किया और न ही यह स्पष्ट किया कि उनके साथ जातिगत भेदभाव नहीं हुआ था। विधायकों ने गुरु साहिब से माफी मांगी और स्पष्ट किया कि अकाल तख्त साहिब में किसी को जाति, नस्ल या रंग के आधार पर आने से नहीं रोका गया। उन्होंने ग्यासपुरा की टिप्पणियों को उनकी निजी राय बताया और उनसे असहमति जताई। जत्थेदार गर्गज ने कहा कि अमृतधारी सिख होने के बावजूद ग्यासपुरा ने जाति के आधार पर विभाजनकारी कथन दिए, जिनका इस्तेमाल सिख संस्थाओं और धर्म को निशाना बनाने के लिए किया गया। इससे पहले अकाल तख्त ने आप विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर, कुलदीप सिंह धालीवाल, बलजिंदर कौर, गुरदीप सिंह, सरवन सिंह, गुरिकबल सिंह, मनजिंदर सिंह, जसवीर सिंह, करमवीर सिंह और कुलवंत सिंह सहित पार्टी के अन्य नेताओं को तलब किया था।











