
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। विद्यार्थियों में अर्थशास्त्र विषय के प्रति गहरी वैचारिक समझ विकसित करने, उनकी विषय संबंधी प्राथमिकताओं को जानने और अर्थशास्त्र के व्यापक दृष्टिकोण को समझने के उद्देश्य से, आज होशियारपुर जिले में तीन महत्वपूर्ण ‘एक्शन रिसर्च स्टडीज’ (क्रियात्मक शोध अध्ययन) का सफलतापूर्वक प्रसार किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में यह एक बेहद सराहनीय कदम है, जिसका सीधा लाभ भविष्य में छात्रों की अकादमिक सफलता को मिलेगा। इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) होशियारपुर के तत्वावधान में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नसराला में किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में पूरे जिले के अर्थशास्त्र के लेक्चरर्स ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और विषय को रोचक बनाने की दिशा में काम किया।

कार्यक्रम के दौरान जिन तीन प्रमुख शोध अध्ययनों के निष्कर्ष साझा किए गए, वे इस प्रकार हैं:
- राष्ट्रीय आय के समुच्चयों (GDP, GNP, NDP और NNP) में छात्रों की वैचारिक स्पष्टता बढ़ाना: इस एक्शन रिसर्च का मुख्य उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय आय से जुड़ी जटिल अवधारणाओं को आसानी से समझाना और उनके तकनीकी सिद्धांतों को स्पष्ट करना था।
- माइक्रोइकॉनॉमिक्स और मैक्रोइकॉनॉमिक्स के लिए विद्यार्थियों की प्राथमिकता और उनके चुनाव के कारण: इस दिलचस्प अध्ययन में यह खोज की गई कि विद्यार्थी अर्थशास्त्र की इन दो प्रमुख शाखाओं में से किसे अधिक पसंद करते हैं और उनकी इस पसंद को प्रभावित करने वाले मुख्य मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक कारक कौन से हैं।
- अर्थशास्त्र के बहुआयामी पहलू: यह शोध अर्थशास्त्र के विविध आयामों को रेखांकित करता है, साथ ही यह बताता है कि छात्रों के व्यावहारिक जीवन और उनके सीखने की निरंतर प्रक्रिया में इसकी क्या महत्वपूर्ण प्रासंगिकता है।
शोध अध्ययनों के इस प्रसार कार्यक्रम ने सभी उपस्थित शिक्षकों को शोध के अहम निष्कर्षों को साझा करने का एक शानदार मंच प्रदान किया। इसके साथ ही, कक्षा स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर गहन चर्चा की गई और अर्थशास्त्र की शिक्षण-अधिगम (teaching-learning) प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी व व्यावहारिक बनाने की नई रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का सफल आयोजन डाइट होशियारपुर के प्रिंसिपल धर्मेंद्र शर्मा और लेक्चरर शिखा शर्मा के योग्य मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला अनुसंधान समन्वयक डॉ. रितु कुमरा ने मुख्य संसाधन व्यक्ति (Key Resource Person) के रूप में शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। इस गरिमामयी अवसर पर डॉ. अर्जुन कटल और सुश्री बलजीत कौर भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने अपने मूल्यवान विचार साझा किए।












