
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सीजेएम-कम-सचिव ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी नीरज गोयल ने बताया कि ज़िला एवं सत्र न्यायधीश-कम-चेयरमैन ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी रजिंदर अग्रवाल के नेतृत्व में जिला स्तर एवं उप-मंडल स्तर पर वर्ष 2025 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दिनांक 10 मई को किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के संबंध में जनता को जागरूक करने हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं और अधिकतम प्रचार-प्रसार के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जा सके।

सचिव ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य यह है कि लोग दीवानी, फौजदारी और प्री-लिटिगेटिव मामलों में समझौते के माध्यम से अपने मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत कर अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन विभिन्न गांवों, शहरों, स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार आयोजित कर लोगों को लोक अदालत में मामले दर्ज करने के लाभों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इससे लोगों को कानूनी सेवाओं की अधिकतम जानकारी प्राप्त होगी, जिससे वे सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता का लाभ उठा सकेंगे। इससे उनका समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही बार-बार अदालतों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी। लोक अदालत के प्रचार के लिए पी.एल.वी. द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर बैनर लगाकर जनता को जागरूक किया जा रहा है।
साथ ही, स्थायी लोक अदालत (जन उपयोगी सेवाएं) के लाभों के बारे में भी अधिक से अधिक प्रचार किया जा रहा है। स्थायी लोक अदालत में कानूनी सेवाएं अथॉरिटी अधिनियम, 1987 की धारा 22-(1) के अंतर्गत जन उपयोगी सेवाओं जैसे परिवहन, डाक, टेलीग्राफ, टेलीफोन, अस्पताल, बीमा, बैंकिंग, शिक्षा, वृद्धावस्था पेंशन, शगुन योजना आदि से संबंधित मामले दर्ज किए जाते हैं, जिनका न्यूनतम समय में निपटारा किया जाता है, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।












