
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। हमीरपुर से मंडी बन रहे नेशनल हाईवे नंबर 03 की निर्माण कंपनी और प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट को करारा झटका लगा है। कार्यालय उपमण्डल अधिकारी (नागरिक) एवं सक्ष्म प्राधिकारी भू-अर्जन (NH-70) भोरेज, जिला हमीरपुर, के पत्र क्रमांक:- SDM (BHJ)NH-70/2025/15(7) के तहत आदेश पारित किए गए हैं कि जिस मलकीयत जमीन को अधिग्रहित ही नहीं किया गया, वहां निर्माण कार्य बिल्कुल न करवाया जाए। परियोजना निदेशक, परियोजना कार्यन्वयन इकाई (PIU), ग्राउंड फ्लोर हाउस न०-575, वार्ड न०-1, कृष्णा नगर, हमीरपुर को 19 जून को भेजे पत्र में यह आदेश दिए गए हैं। जुध्या देवी पत्नी स्व० चतर सिंह, गाँव बारी, डा० बारी मंदिर, तहसील बमसन स्थित टौणी देवी, जिला हमीरपुर (हि०प्र०) द्वारा 12 जून को एसडीएम भोरंज को एक पत्र सौंप गुहार लगाई गई थी कि एनएच निर्माण कम्पनी द्वारा जमीन की खुदाई और जमीन बर्बाद होने पर मुआवजा राशि दी जाए तथा जब तक मुआवजा राशि न मिले काम रुकवाया जाए।

एप्लीकेशन के मुताबिक महाल बारी में खसरा नंबर 541 में निर्माण कम्पनी वेबजह खुदाई करके करीब 2 मरले जमीन बर्बाद कर दी है जबकि खसरा नंबर 541 में से कोई भूमि NH निर्माण के लिए अधिगृहत न हुई है तथा न ही उसे कोई मुआवजा मिला है। जुध्या देवी के मुताबिक 11 जून बुधवार की रात को निर्माण कम्पनी, खुदाई के लिए मशीनें ले आए थे जिन्हें उन्होंने व ग्रामीणों ने काम करने से रोका है। कम्पनी द्वारा जो नुक्सान उसकी जमीन का किया गया है। उसका मुआवजा देने का निवेदन किया है। एसडीएम भोरंज के मुताबिक इसी विषय के सम्बन्ध में जुध्या देवी ने दिनांक 17-07-2023 को इसी विषय के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया था जो इस कार्यालय के पत्र संख्या SDM (BHJ) NH-70/2025/15(7)-300 दिनांक 18-07-2023 द्वारा परियोजना निदेशक कार्यालय को आवश्यक कार्यवाही व छानबीन के लिए प्रेषित किया गया था।
छानबीन में यह पाया गया
एसडीएम ( नागरिक) भोरंज एवं सक्षम अधिकारी भू अर्जन NH 70 शशि पाल शर्मा के मुताबिक भूमि अधिग्रहण प्रस्तावना एवं भूमि अधिग्रहण अभिलेख के निरिक्षण से पाया गया कि महाल बारी के खसरा नंबर 541 में से भूमि अधिग्रहण न हुई है। इस सम्बन्ध में मौका निरिक्षण करके यह सुनिश्चित किया जाए कि खसरा नंबर 541 जो जुध्या देवी व उसकी बेटी की मलकीयत का है में राष्ट्रीय उच्चमार्ग का निर्माण न करवाया जाए।












