
हिमाचल प्रदेश (द स्टैलर न्यूज़)। मंडी और चंबा जिले में बादल फटने से 38 बीघा जमीन और 5 पुल बह गए। इतना ही नहीं हमीरपुर की एक महिला खड्ड में बह गई है। उपमंडल बड़सर में गुरु का बण में शुक्कर खड्ड के किनारे मजदूर पत्थर उठाने का काम कर रहे थे। अचानक खड्ड में पानी बढ़ा और वहां काम कर रही बिहार की रहने वाली किरण बह गईं। देर शाम तक महिला का कोई सुराग नहीं लग पाया है। सुबह बारिश के चलते कांगड़ा हवाई अड्डे पर दो उड़ानें रद्द कर दी गई है।

मंडी जिले की ग्राम पंचायत शिल्हबधाणी के गांव कोतरंग में शनिवार देर रात बादल फटने से तीन पैदल पुल और एक वाहन योग्य पुल बह गया। कोतरंग के लोगों की नाले के साथ लगती 50 बीघा जमीन भी बह गई है। चंबा के चुराह उपमंडल में रविवार सुबह नौ बजे कठवाड़ नाले में बादल फटा। यहां पानी के तेज बहाव से लोक निर्माण विभाग का पुल बह गया। इससे तीन पंचायतों का संपर्क चुराह उपमंडल से कट गया है। कांगड़ा जिले में जवाली के लब-लुधियाड़-भरमाड़ मार्ग पर सिद्धपुरघाड़ में निर्मित पुल का एक छोर धंसने से सड़क बंद हो गई। वहीं, कांगड़ा के पास समेला में पेड़ गिरने से मटाैर-शिमला नेशनल हाईवे डेढ़ घंटे तक बंद रहा। इसी नेशनल हाईवे पर बाथू पुल के पास पहाड़ी से भूस्खलन के कारण वनवे करना पड़ा।












