
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। स्वास्थ्य विभाग होशियारपुर द्वारा आधुनिक ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई भूंगा के सहयोग से “स्वास्थ्य संदेशों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग (सीईआरसी प्रशिक्षण)” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें अनुसंधान इकाई भूंगा के संसाधन व्यक्ति श्री अगम जैन और डॉ. तान्या मिश्रा ने विभिन्न ब्लॉकों के ब्लॉक एक्सटेंशन शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग, जिला एपीडिमोलोजिस्ट डाॅ.जगदीप सिंह, डॉ. शैलेश कुमार, डिप्टी मास मीडिया ऑफिसर रमनदीप कौर ने भी सहयोग दिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य अधिकारियों को सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से जनता तक स्वास्थ्य संदेश प्रभावी ढंग से पहुँचाने की क्षमता प्रदान करना था।

आधुनिक ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई के श्री अगम जैन और डॉ. तान्या मिश्रा ने फेसबुक एज, फेसबुक ग्रुप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सएप ग्रुप और व्हाट्सएप कम्युनिटी जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों तक स्वास्थ्य संदेश, विशेष रूप से वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम से संबंधित संदेश पहुँचाने की तकनीक सिखाई। इस सत्र में यह भी बताया गया कि कैसे स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के माध्यम से दोतरफा संचार, त्वरित सूचना साझाकरण, मल्टीमीडिया लर्निंग और जमीनी स्तर पर ऑनलाइन संदेश के माध्यम से स्वास्थ्य संदेश प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुँचाए जा सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ. जगदीप ने पीपीटी के माध्यम से राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने मच्छर जनित रोगों की रोकथाम, लक्षणों और जागरूकता अभियानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण सत्र ग्राम स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।












