
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिला कांग्रेस कमेटी की तरफ से जिला अध्यक्ष अरुण डोगरा मिक्की की अगुवाई में जिलाधीश को गवर्नर के नाम पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग पालिसी के खिलाफ मांग पत्र सौंपा गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री सुन्दर शाम अरोड़ा, पूर्व विधायक पवन आदिया, पूर्व चेयरमैन सरवन सिंह व शहरी कांग्रेस अध्यक्ष नवप्रीत रैहल के अलावा रजनीश टंडन, पुनीत शर्मा, पार्षद अशोक मेहरा, विक्रम सिंह, पीएस मान, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट पीएस घुम्मण व सचिव नवजिंदर सिंह बेदी भी मौजूद रहे।

इस मौके पर जिला कांग्रेस ने मांग की कि पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश में किसानों की खेती योग्य 50 हजार एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण करने का जो फैसला लिया गया है उसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि यह फैसला पर्यावरण एवं किसानों दोनों के लिए घातक है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि पंजाब खेती प्रधान राज्य है और प्रति वर्ष 80 हजार रुपये पैदा करता है तथा यह नीति पूरी तरह से आर्थिकता को प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा कि इस पालिसी को आप द्वारा किसानों को बिना पैसे दिए आप के ही बड़े बिल्डरों एवं उद्योगपतियों के लिए बनाया गया है। अधिकतर किसानों के पास छोटी जमीनें हैं तथा इस पालिसी का उन्हें भारी नुकसान होगा। जब भी ऐसी पालिसी लागू की जानी होती है तो गांवों में सामाजिक आडिट होता है तथा पंचायतों से बात की जाती है, लेकिन इस मामले में ऐसी किसी भी प्रक्रिया को अमल में नहीं लाया गया। जमीन मालिकों से कोई बात नहीं की गई।
गमाडा के एलओआई में जो 2005-6 में तथा यहां तक कि 11-12 में भी अलाट किए गए थे, उनके कब्जे आज भी बकाया हैं। यह किसानों के साथ सरासर धोखा है, जब तक सरकार किसानों को व्यापारक बूथ अलाट रकती है तो उन्हें बुरी जगह अलाट की जाएंगी, जबकि अच्छी जगहों को सबसे अधिक बोली लगाने वाले को बेच दी जाती हैं। कांग्रेसी नेताओं ने एक सुर में उक्त पालिसी का विरोध करते हुए कहा कि अगर सरकार ने इसे रद्द न किया तो किसानों के साथ मिलकर कांग्रेस इसका हर स्तर पर विरोध जताने के लिए तैयार खड़ी है और इसे किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान जिलाधीश ने उनका मांगपत्र राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।












