
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। न्यू चंडीगढ़ के साथ लगते गांव सिसवां में कानून की धज्जियां उड़ाकर कई एकड़ पहाड़ समतल किए जा रहे हैं, 500 के लगभग पेड़ काटे जा चुके हैं और इसकी फॉरेस्ट, वाइल्ड लाइफ एवं पंचायत डिपार्टमेंट में शिकायत लगाए जाने के बाबजूद अफसर आंखें और कान बंद करी बैठे है, कोई सुनवाई नहीं कर रहा, यह आरोप है पंजाब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी का जो की आज मीडिया को मौके पर साथ ले कर गए । सिसवां के सरपंच संजीव शर्मा, पंच अमनदीप शर्मा, लंबरदार शेर खान, मंडल प्रधान माजरी मंडल भाजपा मोहित गौतम व अन्य गांव वासियों की उपस्थिति में जोशी ने मौके का मुआयना करवाते हुए कहा कि जिस ज़मीन व पहाड़ की मलकियत सिसवां पंचायत के पास है उस पर कोई प्राइवेट आदमी कैसे कब्ज़ा कर सकता है ।

इतना ही नहीं पहाड़ की जमीन जिस खसरा नंबर 453 में आती है वह पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट 1900 की धारा 4 के तहत नोटिफाइड है । जिसका कारण से उस पहाड़ की जमीन पर ना खेती और न खुदाई कर सकते ही, न पेड़ पौधे एवं घास काट सकते हो, ना गाय, भैंस, बकरी को घास चरा सकते हो । किसी तरह की छेड़ छाड़ का प्रतिबंध है तो फिर उसे काट कर समतल कैसे कर दिया गया । वन एवं जंगली जीव सुरक्षा विभाग पंजाब द्वारा सिसवां के इस रकबे को सिसवां कम्युनिटी रिजर्व फॉरेस्ट घोषित किया हुआ है जिसका मतलब है कि इस जमीन पर ऐसी कोई गतिविधि नहीं करनी होती जो वनस्पतियों और जीवों को नुकसान पहुंचाए, वहां की इकोलॉजी को बिगड़े पर यह सब तो इस पहाड़ को काट कर कर दिया गया। जोशी ने मांग की कि जिन लोगों ने पंचायती जमीन पर कब्जा कर पहाड़ काटा है, 500 से ज्यादा पेड़ काटे हैं, उन सब पर तुरंत पी.एल.पी.ए. 1900, वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, फॉरेस्ट एक्ट के संबंधित धाराओं एवं क्रिमिनल एक्ट के तहत सरकारी ज़मीन में गैर कानूनी से घुसने, कब्ज़ा करने के पर्चे दर्ज किया जाएं।












