
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और इसके वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने आज विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक के दौरान उन्होंने ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध पराली प्रबंधन मशीनरी की स्थिति, किसानों को अब तक दी गई सब्सिडी पर मशीनें, इनके प्रभावी उपयोग तथा औद्योगिक इकाइयों द्वारा खपत की जाने वाली पराली के प्रबंधन संबंधी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिले के किसानों को अब तक 3063 पराली प्रबंधन मशीनें सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं, जबकि मौजूदा वर्ष में अब तक 156 मशीनें किसानों ने स्वयं खरीदी हैं। इनमें इन-सिटू मशीनें (खेत में ही पराली को प्रबंधित करने वाली) और एक्स-सिटू बेलर मशीनें (पराली की गांठें बनाकर औद्योगिक इकाइयों में खपत हेतु) शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों तक पराली प्रबंधन संबंधी जागरूकता अधिक से अधिक पहुँचाने के लिए आई.ई.सी. गतिविधियां चलाएं। इसके अंतर्गत प्रचार वैन, स्कूल स्तर पर प्रतियोगिताएं और कृषि प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा।

डिप्टी कमिश्नर ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे पराली जलाने की प्रथा को पूरी तरह त्यागें और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर पराली का वैज्ञानिक प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि किसान इस विषय में तकनीकी जानकारी और आवश्यक मदद के लिए कृषि विभाग से सीधे संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने सभी उपमंडल मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने स्तर पर पराली प्रबंधन योजनाओं का निरीक्षण करने और आगामी सीजन के दौरान धान की पराली के प्रबंधन के ठोस उपाय करने के निर्देश दिए। डीसी ने बताया कि जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नोडल अफसर और क्लस्टर अफसर नियुक्त किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों को पराली प्रबंधन कार्य में पूर्ण तत्परता और जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीसी (विकास) निकास कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।












