
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा हैं कि पंजाब सरकार की कारगुजारी पंजाब में उद्योग व व्यापार को खत्म करने की और बढ़ रही हैं। उद्योगपति तथा व्यापारियों को सरकार की तरफ से कोई सहुलियत देना तो दूर की बात हैं , परन्तु उन्हें जी एस टी रिफंड का बनता हक्क भी सरकार नहीं दे पा रही लम्बे समय से जी.एस.टी रिफंड ना होने के कारण उद्योगपतियों तथा व्यापारियों का वित्तीय च्रक टूट चुका हैं।

बहुत से कारोबारियो ने बैंकों से लिम्ट ले रखी हैं। जिस पर 10% या इस से अधिक ब्याज प्रति महीना पड़ता हैं। सरकार के पास जी.एस.टी रिफंड की भारीभरकम रकम जमा हो जाने से कारोबारियों को बैंक के ब्याज की राशी जुर्माने की तरह सहन करनी पड़ रही हैं। एक अनुमान के अनुसार इस समय पंजाब सरकार द्वारा रोका गया जी.एस.टी फण्ड 1500 करोड़ से अधिक जमा पड़ा हैं। जब यह रिफंड दिया जाएगा तो उस पर ब्याज भी शायद ना ही लोगों को दिया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि भविष्य में कर्जे की एक भारी भरकम किश्त लेकर भी शायद रिफंड ना दिया जा सके।
क्योंकि पंजाब सरकार कर्जा लेकर कर्मचारियों के वेतन का भुगतान तथा कर्जे का भुगतान भी अच्छी तरह अदा नहीं कर पाती। अगर पंजाब सरकार अपने वायदे के अनुसार पंजाब की महिलाओं को आगामी वर्ष से 1100 रुपए प्रति महीना के साथ इसके 45 महीनों का बकाया भी देती हैं तो सरकार के पास जी.एस.टी रिफंड के लिए कोई स्रोत नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि जी.एस.टी रिफंड ना होने से कारोबारियों के अंदर जो रोष की आग सुलग रही हैं, अगर वह भड़क जाती हैं, तो सरकार को जान छुड़ानी मुश्किल हो जाएगी। श्री सूद ने कहा कि पंजाब के उद्योग की बढ़ा कर तथा कारोबार को मजबूत बना कर रंगला पंजाब बनाने के सपने धरेधराये रह जाएगें , क्योंकि जी.एस.टी रिफंड को रोक कर पंजाब सरकार उद्योग व व्यापार को बुरी तरह तबाह करने पर तुली हुई हैं।












