
बिलासपुर (दद स्टैलर न्यूज़)। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का एक और मामला जिले में उजागर हुआ है। थाना सदर के आईटीआई क्षेत्र में रहने वाले युवक से एक व्यक्ति ने रेलवे या शिमला सचिवालय में नौकरी लगाने का वादा कर पांच लाख रुपये ठग लिए। काफी समय बीतने के बाद जब न नौकरी लगी और न पैसे लौटाए, तो युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार आईटीआई क्षेत्र के प्लॉट नंबर-50 में रहने वाले नोबल गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान कुछ समय पहले कुल्लू के रहने वाले एक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को सरकारी विभागों में ऊंचे संपर्क वाला बताते हुए दावा किया कि वह उसे रेलवे अथवा शिमला सचिवालय में स्थायी नौकरी दिलवा सकता है। बेरोजगार युवक ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया और उससे नियमित संपर्क में रहने लगा। नोबल गुप्ता के अनुसार बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने प्रक्रिया शुल्क के नाम पर पांच लाख रुपये की मांग की। युवक ने अपनी बचत और उधार लेकर 9 जनवरी को बैंक के माध्यम से आरोपी के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी।
पैसे भेजते वक्त आरोपी ने कहा था कि कुछ दिनों में नियुक्ति पत्र मिल जाएगा, लेकिन इसके बाद उसने धीरे-धीरे फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित का कहना है कि कई दिनों तक इंतजार करने और बार-बार संपर्क करने की कोशिश करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उसे शक हुआ। काफी खोजबीन के बाद भी जब आरोपी का कोई अता-पता नहीं चला, तो उसने पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया और आरोपी व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई। एएसपी बिलासपुर शिव चौधरी ने कहा कि थाना सदर में धोखाधड़ी की धारा के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम बैंक खाते की डिटेल, मोबाइल रिकॉर्ड और आरोपी के लोकेशन से जुड़े तकनीकी पहलुओं के आधार पर जांच कर रही है। आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी का लाभ उठाकर कई लोग नौकरी का झांसा देकर युवाओं को ठगने का प्रयास करते हैं। पुलिस ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है और कहा कि कोई भी सरकारी नौकरी केवल आधिकारिक माध्यमों के जरिए ही मिलती है। किसी भी व्यक्ति या एजेंट की ओर से नौकरी की पक्की गारंटी देने पर तुरंत सतर्क होना चाहिए।












