
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-नीरज धीमान। पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग (सैकेंडरी शिक्षा) द्वारा ‘EDS-41 रिपेयर एंड मेंटेनेंस’ स्कीम के तहत राज्य के 981 स्कूलों के लिए कुल 22,28,25,399 रुपये (लगभग 22.28 करोड़) की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है । विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह पैसा सीधे स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों (SMC) के माध्यम से खर्च किया जाएगा ताकि काम में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।

होशियारपुर के 37 स्कूलों का होगा कायाकल्प
इस बजट आवंटन में होशियारपुर जिले को विशेष प्राथमिकता दी गई है। जिले के कुल 37 स्कूलों की मरम्मत और रखरखाव के लिए 128.56892 लाख (लगभग 1.28 करोड़) रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। होशियारपुर बजट की खास बात यह है कि इसमें लुधियाना और संगरूर जैसे बड़े जिलों के मुकाबले काफी अच्छी राशि मिली है, जिससे जिले के स्कूलों में लंबे समय से लंबित सिविल वर्क्स को गति मिलेगी। जिले के सीनीयर सैकंडरी, हाई व प्राईमरी स्कूलों में छत की मरम्मत और अन्य निर्माण कार्यों के लिए पहले ही विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है।
क्या-क्या होंगे काम: टाइल्स से लेकर स्मार्ट क्लासरूम तक
जारी निर्देशों के अनुसार, इस बजट का उपयोग केवल बुनियादी मरम्मत के लिए ही नहीं, बल्कि स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए भी किया जाएगा:
- छत और फर्श: स्कूलों की छतों पर टाइल टेरसिंग और क्लासरूम में विट्रिफाइड टाइल्स लगाई जाएंगी ।
- बिजली और सुविधाएं: हर क्लासरूम में 4 ISI मार्क वाले पंखे और 4 LED पैनल लगाए जाने अनिवार्य हैं 7। इसके अलावा सॉफ्ट बोर्ड, टीचर टेबल, और दीवार घड़ी जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी ।
- पेंट और खिड़कियाँ: दीवारों पर इमल्शन पेंट और खिड़कियों पर सुरक्षा के लिए लोहे की ग्रिल (वेल्डमैश) लगाई जाएगी ताकि टूट-फूट कम हो।
भ्रष्टाचार पर नकेल: जेई की रिपोर्ट के बिना नहीं शुरू होगा काम
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी काम शुरू करने से पहले संबंधित जिले के जेई (सिविल वर्क्स) से अनुमान लेना होगा और एसएमसी का प्रस्ताव पास करना अनिवार्य होगा। सभी भुगतान थर्ड पार्टी के माध्यम से किए जाएंगे और काम पूरा होने के एक महीने के भीतर उपयोग प्रमाण पत्र (UC) जमा करना होगा।











