
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज) नीरज धीमान: पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सेहत और विशेष रूप से उनकी आंखों की रोशनी को लेकर शिक्षा विभाग अब पूरी तरह सख्त हो गया है। पंजाब स्टेट मिड डे मील सोसाइटी द्वारा राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को एक कड़ा पत्र जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में अभी तक विद्यार्थियों की ‘विजन स्क्रीनिंग’ के लिए Snellen Charts (नजर चेक करने वाले चार्ट) नहीं लगाए गए हैं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

लक्ष्य पूरा न होने पर जताई नाराजगी
शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया है कि कई जिलों में अभी तक इन चार्ट्स को लगाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है । इस लापरवाही के कारण स्वास्थ्य विभाग के एनपीसीबी (NPCB) कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा नहीं किया जा सका है । विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में होने वाली बैठकों से पहले सभी इंतजाम पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं ।
शिक्षकों के लिए विशेष निर्देश जारी आदेशों के अनुसार:
- मास्टर ट्रेनर्स को सहायता: यदि किसी मास्टर ट्रेनर या शिक्षक को विजन स्क्रीनिंग के दौरान तकनीकी समस्या आ रही है, तो वे तुरंत अपने नजदीकी एस.एम.ओ (SMO) से संपर्क कर सकते हैं।
- विशेषज्ञों की मदद: ट्रेनिंग या स्क्रीनिंग में दिक्कत होने पर प्रशिक्षित नेत्र रोग विशेषज्ञों (Ophthalmologists) से सहायता प्राप्त की जा सकती है।
- नियमित जांच: स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे समय-समय पर बच्चों की नजरों की जांच करें।
- अस्पताल रेफरल: यदि किसी बच्चे की आंखों में गंभीर समस्या पाई जाती है, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाए ।
- तुरंत चार्ट लगाने के आदेशः जनरल मैनेजर की ओर से जारी इस पत्र में साफ कहा गया है कि स्कूलों में ‘स्नेलेन चार्ट’ तुरंत प्रभाव से लगाए जाएं। आदेशों की अनदेखी करने वाले संबंधित स्टाफ और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ।











