Wednesday, October 28, 2026
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समान अंक तो अलग रैंक क्यों? एक छात्रा के सवाल के बाद CM Mann ने लिया फैसला, बदला रैंकिंग नियम

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब सरकार के ‘सितारे जमीन ते’ कार्यक्रम में उस समय एक दिलचस्प और प्रेरणादायक पल देखने को मिला, जब अमृतसर की एक छात्रा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधे शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा सवाल पूछ लिया। छात्रा ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की उस नीति पर सवाल उठाया, जिसके तहत समान अंक प्राप्त करने वाले छात्रों में सबसे कम उम्र के छात्र को पहला स्थान दिया जाता है। इस दौरान छात्रा ने कहा कि जब तीनों छात्रों के अंक समान हैं और सभी ने समान मेहनत की है, तो केवल उम्र के आधार पर किसी एक को पहला स्थान देना उचित नहीं है। उसने बताया कि वह और उसके दो सहपाठी एक ही कक्षा में पढ़ते हैं, लेकिन उम्र के आधार पर उन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान दिया गया। छात्रा के सवाल पर कार्यक्रम में मौजूद अन्य छात्रों ने तालियां बजाकर उसका समर्थन किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने छात्रा की बात ध्यान से सुनी और कहा कि सरकार की नजर में तीनों छात्र प्रथम स्थान के हकदार हैं।

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इस दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी छात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि एक छात्र ने खुलकर व्यवस्था पर सवाल उठाया। छात्रा ने आगे कहा कि अगर समान अंक पाने वाले सभी छात्रों को संयुक्त रूप से पहला स्थान दिया जाता, तो शिक्षा प्रणाली और बेहतर मानी जाती। छात्रा की इस टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में समान अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की रैंकिंग जन्मतिथि के आधार पर तय न की जाए। बाद में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी घोषणा की कि समान अंक पाने वाले छात्रों को अब संयुक्त प्रथम स्थान दिया जाएगा।

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