
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पटियाला में हाल ही में घर खरीदने के सिलसिले में एक मकान देखने पहुंचे पति-पत्नी पर पिटबुल कुत्ते द्वारा हमला कर दोनों को गंभीर रूप से घायल किए जाने की घटना की भारत विकास परिषद के अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी संजीव अरोड़ा ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। प्रेस विज्ञप्ति में संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह सोचने का विषय है कि प्रदेश में न जाने कितने घरों में ऐसे खतरनाक नस्ल के कुत्ते रखे गए हैं, जो कई बार अपने मालिकों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बन जाते हैं। यदि ऐसे कुत्तों को रखने के संबंध में निर्धारित नियमों और न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है तो संबंधित प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन एवं नगर निगम से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों ने नियमों की अनदेखी करते हुए ऐसे खतरनाक कुत्ते रखे हुए हैं, उनके विरुद्ध न्यायालय के आदेशों एवं लागू नियमों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो और किसी निर्दोष व्यक्ति की जान खतरे में न पड़े और श्री अरोड़ा ने पटियाला में घायल हुए दंपति के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कुत्ते के मालिक की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और कानून के अनुसार उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही पीड़ित दंपति को उचित एवं पूर्ण मुआवजा दिलाया जाना चाहिए, ताकि उनके उपचार एवं घटना से हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
इसके साथ ही संजीव अरोड़ा ने होशियारपुर प्रशासन से भी निवेदन किया कि शहर में जिन-जिन घरों में खतरनाक नस्ल के कुत्ते रखे गए हैं, उनकी पहचान कर उनके मालिकों को आवश्यक सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए पाबंद किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी अप्रिय घटना के घटित होने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि समय रहते ऐसे मामलों पर संज्ञान लेकर उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में किसी व्यक्ति के साथ ऐसी दुखद घटना न घटे।उन्होंने कहा कि पालतू जानवर रखना किसी की व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन उसकी जिम्मेदारी भी पूरी तरह मालिक की होती है। यदि किसी पालतू कुत्ते से आम लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है तो प्रशासन को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि संबंधित विभाग ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।












