
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के K9 डॉनी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया गया है। डॉनी को यह सम्मान उसकी बहादुरी, पेशेवर दक्षता और आतंकवाद-रोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाने के लिए दिया गया। डॉनी, NSG की विशेष K9 यूनिट का विस्फोटक खोजने में प्रशिक्षित कुत्ता है, नवंबर 2025 में नई दिल्ली के लाल किले में हुए एक्सप्लोसिव डिवाइस धमाके के बाद उसने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 32 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक, 10 नवंबर 2025 को डॉनी को घटनास्थल पर जांच के लिए तैनात किया गया था. मलबे और जोखिम भरे माहौल के बीच उसने विस्फोटक पदार्थों के अंशों की मौजूदगी की पहचान की, जिससे फोरेंसिक और सुरक्षा एजेंसियों को इलाके को सुरक्षित करने और आगे के संभावित खतरों को रोकने में मदद मिली।

डॉनी की भूमिका सिर्फ लाल किले तक सीमित नहीं रही। 12 नवंबर 2025 को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित खंडवाली में उसे एक संदिग्ध वाहन की जांच के लिए भेजा गया, जिस पर लाल किले हमले से जुड़े विस्फोटक ले जाने का संदेह था। यहां भी डॉनी ने विस्फोटकों की मौजूदगी की सटीक पहचान की। उसकी इस कार्रवाई से जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिले और आतंकियों की आगे नुकसान पहुंचाने की साजिश को नाकाम करने में मदद मिली। भारतीय सेना ने कहा कि बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में डॉनी का प्रदर्शन असाधारण रहा। उसकी समय पर की गई कार्रवाई ने आगे के खतरों को टालने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सीधा योगदान दिया।












