
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। रूस के काला सागर तट के पास 23 भारतीय नागरिकों वाले चालक दल को लेकर जा रहे लाइबेरिया के झंडे वाले एक तेल टैंक पर ड्रोन नौकाओं से हमला किया गया। रूस के परिवहन मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, ”चालक दल को बचा लिया गया है और उन्हें तट पर सुरक्षित पहुंचा दिया गया है।” रूसी परिवहन मंत्रालय ने बताया कि ‘अफ्रामैक्स रियो’ टैंकर पर मानवरहित सतही नौकाओं (यूएसवी) से हमला किया गया और हमले के बाद आग लग गयी। मंत्रालय ने कहा कि टैंकर में सवार सभी 23 भारतीयों को बचा लिया गया है और शुरुआती जानकारी के अनुसार कोई भी घायल नहीं हुआ है। भारत ने कहा कि वह वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को लेकर बेहद चिंतित है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ”अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों को निशाना बनाया जाना वैश्विक व्यापार और दुनियाभर के लोगों के कल्याण को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। हम जारी संघर्षों को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति का आह्वान करते रहेंगे।” विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को कहा था कि भारत ने यूक्रेन संकट को सुलझाने के लिए सिर्फ पैरोकारी करने के बजाय हाल के महीनों में कीव और मॉस्को, दोनों के साथ वार्ता करके अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। यह घटना रूस के लोकप्रिय पर्यटक शहर सोची के पास काला सागर में हुई। रूस के परिवहन मंत्री आंद्रेई निकितिन ने काला सागर तट के पास ‘अफ्रामैक्स रियो’ टैंकर पर हुए हमले के बाद उसके परिणामों से निपटने के लिए एक आपात बैठक की।
रिपोर्ट के अनुसार, आग इतनी भीषण है कि शुरुआत में उस पर काबू पाने के लिए दमकल अभियान शुरू नहीं किया जा सका। रिपोर्ट में कहा गया कि फिलहाल काला सागर क्षेत्र में तेल की वजह से भीषण आग लगी हुई है। आग की तीव्रता कम होने और बचाव जहाजों के टैंकर के पास सुरक्षित रूप से पहुंचने की स्थिति बनने के बाद ही आग बुझाने का अभियान शुरू किया जा सकेगा। एहतियाती कदम के तौर पर सोची के मेयर आंद्रेई प्रोशुनिन ने शहर के समुद्र तटों पर लोगों के जाने पर अस्थायी रोक लगा दी। प्रोशुनिन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, ”शहर के आपात प्रतिक्रिया केंद्र ने समुद्र तटों और समुद्र के किनारे बने तटवर्ती मार्गों पर लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। सोची के निवासियों और पर्यटकों से अनुरोध है कि वे खुद को जोखिम में न डालें और इनके दोबारा खुलने के संबंध में आधिकारिक निर्णय की प्रतीक्षा करें।”












