
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापिस हुई है। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईरान में फंसे छात्रों सहित लगभग 880 भारतीय नागरिक आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते स्वदेश लौटना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ”कुछ लोग भारतीय दूतावास में पंजीकरण नहीं कराते हैं इसलिए, हमारा अनुमान था कि लगभग 9,000 लोग (ईरान में) मौजूद होंगे। कई छात्र हमले शुरू होने से पहले ही लौट चुके हैं।” जायसवाल से ईरान में फंसे उन भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी मांगी गई थी, जो स्वदेश लौटना चाहते हैं। उन्होंने बताया, ”आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते 882 भारतीय नागरिकों के लौटने की उम्मीद है, जिनमें से कुछ लौट चुके हैं। कुल 772 लोग आर्मेनिया के रास्ते और 110 लोग अजरबैजान के रास्ते लौट रहे हैं, जिनमें से कुछ लौट चुके हैं जबकि शेष वापस आ रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्रालय का 4 मार्च को स्थापित नियंत्रण कक्ष पूरी तरह से कार्यरत है और भारतीय नागरिकों की जरूरतों को पूरा कर रहा है। जायसवाल ने कहा कि फोन और ईमेल की संख्या में काफी कमी आई है। फंसे हुए लोगों की समस्याओं का काफी हद तक समाधान हो चुका है और क्षेत्र के विभिन्न देशों में भारतीय दूतावासों की हेल्पलाइन चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। कश्मीर की छात्राओं सहित बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जो ईरान में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। हमने एक परामर्श जारी किया था, हमने सभी को अजरबैजान सीमा पार करने से पहले दूतावास से संपर्क करने के लिए कहा था, ताकि वह ईरान-अजरबैजान सीमा पार करने में उनकी सहायता कर सके।












