
हैदराबाद (द स्टैलर न्यूज़)। फल्कनुमा पुलिस ने 53 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी मोहम्मद महबूब अली की हत्या के मामले में 6 लोगों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी को शक था कि महबूब अली ने उसकी मां पर काला जादू किया था, जिसके कारण वह लंबे समय से बीमार थी। इसी शक के चलते कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई। महबूब अली वट्टेपल्ली के फातिमा नगर का निवासी था। पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त की रात वट्टेपल्ली में अलमास होटल के सामने उस पर चाकू और खंजर से हमला किया गया।

हमले में उसके सिर, सीने और हाथों पर कई चोटें आईं। उसे प्रिंसेस एसरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के बेटे मोहम्मद शनवाज की शिकायत पर फल्कनुमा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27(2) के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने 3 सितंबर को 6 आरोपियों और एक बाल अपचारी को पकड़ा। आरोपियों की पहचान मिर्जा मोहसिन बेग, मोहम्मद इमरान अहमद, मोहम्मद नसीर, शेख अकरम, मोहम्मद अबरार अली और मोहम्मद सामी उर्फ शटर के रूप में हुई है।
पुलिस ने 2 दोपहिया वाहन, 6 खंजर और चाकू तथा 3 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि इनका इस्तेमाल वारदात में किया गया था। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मिर्जा मोहसिन बेग को संदेह था कि महबूब अली ने उसकी मां तहेरा बेगम पर काला जादू किया है। बेग का मानना था कि इसी वजह से उसकी मां लंबे समय से बीमार थी। पुलिस ने यह भी बताया कि बेग महबूब अली को अपने मामा मोहम्मद खलील की मौत के लिए भी जिम्मेदार मानता था। पुलिस के मुताबिक, बेग ने अपने चचेरे भाई मोहम्मद इमरान अहमद को अपनी आशंका बताई। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर महबूब अली की हत्या की योजना बनाई।
30 अगस्त को महबूब अली के अलमास होटल के पास होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी अयान दरबार होटल में एकत्र हुए। पुलिस के अनुसार, उन्होंने वहां से चाकू लिए और 2 एक्टिवा स्कूटरों पर घटनास्थल पहुंचे। इसके बाद महबूब अली पर हमला कर दिया। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। राजेंद्र नगर जोन के डीसीपी एस. श्रीनिवास ने लोगों से काला जादू और अंधविश्वास से जुड़ी बातों पर भरोसा नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद या संदेह की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस से संपर्क करना चाहिए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारियां इंस्पेक्टर एम. अप्पला नायडू और डिटेक्टिव इंस्पेक्टर जकीर हुसैन ने एसीपी एमए जावेद और डीसीपी एस. श्रीनिवास की निगरानी में कीं।












