
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री राम लीला कमेटी की तरफ से प्रधान गोपी चंद कपूर की अध्यक्षता में करवाए जा रहे उत्तर भारत के दूसरे प्रसिद्ध दशहरा महोत्सव के दौरान श्री राम लीला के मंचन में भगवान राम के विवाह उपरांत जहां आनंद उत्सव का मंचन किया गया वहीं माता कैकेई द्वारा राजा दशरथ से अपने दो वचन मांग लिए गए, जिसमें एक तो भगवान राम को वनवास और दूसरे में उन्होंने भरत के लिए राजपाठ मांगा। मंचन में दिखाया गया कि किस प्रकार महल में पनपी खुशियों के बीच राजा दशरथ भगवान राम को राजा बनाने का निर्णय लेते हैं और इसका पता चलते ही मंथरा माता कैकेई को भड़का देती है और उसे अपने दो वचन मांगने को कहती है।

माता कैकेई ने राजा दशरथ से अपने दो वचन मांगे, जिसमें एक में उसने भगवान राम के लिए वनवास की मांग की और दूसरे वचन में भरत के लिए राज मांगा। यह सुनने के बाद राजा दशरथ कैकेई को समझाने लगते हैं कि वह ऐसा अनर्थ न करे, और उसे जो चाहिए वह देने के लिए तैयार हैं। लेकिन कैकेई अपनी बात से टस से मस नहीं होती। कैकेई के वचन सुनकर राजा दशरथ धरती पर गिर पड़ते हैं। अगले दिन जब भगवान राम का राज्याभिषेक होना होता है तो सारा अवध खुशियों में झूम रहा होता है, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चलता है कि राजा दशरथ ने भगवान को वनवास के आदेश दे दिया है तो खुशियां दुख एवं गम में बदल जाती हैं। भगवान राम पिता का आदेश सुनकर राजपाठ छोड़ वनवास के लिए तैयार होने लगते हैं तथा उनके मुख पर इसका जरा भी दुख नहीं था। वह सहज भाव से पिता का आदेश मान लेते हैं। श्री राम लीला के मंचन में इस दृश्य ने श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दी। श्री राम लीला मंचन उपरांत भगवान की आरती की गई और गणमान्यों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर शिव सूद, प्रदीप हांडा, राकेश सूरी, संजीव ऐरी, राम अग्रवाल, रमेश मेहता, कमल वर्मा, राजिंदर मोदगिल, तरसेम मोदगिल, हरीश आनंद, अजय जैन, दीपक वालिया, दीपक शारदा, रघवीर बंटी, कपिल हांडा, आशीष वर्मा, वरुण कैंथ, सुनील पराशर, दीनेश गुप्ता, अश्वनी शर्मा छोटा, कुनाल चतरथ, पवन शर्मा, वरुण ऐरी, दविंदरनाथ बिंदा, सुशील पडियाल, राकेश डोगरा, राजेश सठी, पवन शर्मा, मनोज दत्ता, कृष्ण गोपाल मोदगिल, भारत भूषण वर्मा, राजन गुप्ता मिंटू, शिव जैन, वरुण शर्मा आशू, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री राम लीला का मंचन देखा और प्रभु महिमा का गुणगान किया।












