
चक्कोवाल (द स्टैलर न्यूज़)। सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल के दिशा-निर्देशों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पी.एच.सी.) चक्कोवाल ब्राह्मणां की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनप्रीत कौर के नेतृत्व में स्कूली विद्यार्थियों को हाथों की सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्वच्छता की अच्छी आदतें अपनाने और विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर जानकारी देते हुए डॉ. मनप्रीत कौर ने बताया कि हाथों की उचित सफाई कई प्रकार के संक्रामक रोगों से बचाव का एक सरल और प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को खाना खाने से पहले, शौचालय का उपयोग करने के बाद, खेलने के पश्चात तथा जब भी हाथ गंदे हों, साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह हाथ धोने चाहिए। हाथ धोते समय हथेलियों, हाथों के पिछले हिस्से, उंगलियों के बीच, अंगूठों और नाखूनों के आसपास की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथों को अच्छी तरह रगड़कर धोना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना बहुत जरूरी है, क्योंकि स्वच्छता की अच्छी आदतें न केवल उन्हें बीमारियों से बचाती हैं, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायक होती हैं।
इस अवसर पर सरकारी एलीमेंट्री स्कूल जंडियाला में सी.एच.ओ. शिवानी, नवदीप कौर और सतवीर सिंह ने बच्चों को बताया कि प्रतिदिन स्नान करना, दांतों की सफाई रखना, समय-समय पर नाखून काटना, साफ कपड़े पहनना, बालों की सफाई रखना और स्वच्छ पानी पीना स्वस्थ जीवन के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या कोहनी से ढकना तथा कूड़े को हमेशा कूड़ेदान में डालना भी अच्छी स्वच्छता संबंधी आदतों का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि बच्चों में पेट के कीड़े होने का एक प्रमुख कारण गंदे हाथों से खाना खाना भी है। इसलिए बच्चों को भोजन करने से पहले अच्छी तरह हाथ धोने चाहिए तथा स्वच्छता के नियमों का पालन करना चाहिए। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करें और अपने परिवार के सदस्यों तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।












