Friday, October 9, 2026
Home Crime बंटी और संदीप की जमानत रद्द, सिट जांच में झूठी पाई गई...

बंटी और संदीप की जमानत रद्द, सिट जांच में झूठी पाई गई बंटी और नवाब की शिकायत, क्रास पर्चा खारिज

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। तीन जनवरी की रात होशियारपुर-चिंतपूर्णी मार्ग पर स्थित होटल रायल प्लाजा में पार्टी से वापस लौट रहे कमांडेंट नरेश डोगरा और नायब तहसीलदार मंजीत सिंह व उनके साथियों पर हुए हमले तथा गोली चलने के मामले में नया मोड़ आया है। एक तरफ जहां इस मामले में कथित आरोपी होटल मालिक विश्वनाथ बंटी एवं होटल के मैनेजर संदीप को माननीय अदालत ने जमानत नहीं दी, वहीं इस मामले की जांच कर रही सिट ने बंटी पक्ष की तरफ से मिली शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई को झूठ बताते हुए आरोपियों के खिलाफ और धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की सिफारिश कर दी है।

Advertisements

सोमवार 21 जनवरी की सुबह माननीय अदालत में केस की सुनवाई दौरान अदालत ने आरोपी पक्ष की जमानत का फैसला सुरक्षित रखा और बाद दोपहर अदालत ने बंटी और संदीप की जमानत खारिज करने के आदेश जारी किए। बंटी पक्ष की तरफ से एडवोकेट नवीन जैरथ एवं एच.एस. सैनी पेश हुए जबकि नरेश डोगरा की तरफ से एडवोकेट मनोज शर्मा ने अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखा। पुलिस द्वारा बनाई गई सिट के सदस्य इंस्पैक्टर भरत मसीह भी मौजूद रहे। इस मामले में बंटी एवं संदीप के अलावा कई अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं, जबकि बंटी पक्ष के अजय राणा एवं नवाब पहलवान ने पुलिस में आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

जानकारी अनुसार होटल में हुए झगड़े में पुलिस ने जहां कमांडेंट नरेश डोगरा व उनके साथियों की शिकायत पर 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था वहीं होटल मालिक विश्वनाथ बंटी एवं नवाब पहलवान के बयानों पर थाना सदर पुलिस ने कमांडेंट नरेश डौगरा एवं नायब तहसीलदार मनजीत सिंह सहित 14 लोगों पर मारपीट का क्रास मामला दर्ज किया था। उच्चाधिकारियों द्वारा गठित की गई सिट (स्पैशल जांच टीम) जिसमें एस.पी. बलबीर सिंह भट्टी, डी.एस.पी. अनिल कोहली एवं थाना माडल टाउन प्रभारी इंस्पैक्टर भरत मसीह शामिल थे द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई कि बंटी गुट ने खुद ही गोली मारी थी और आरोपी द्वारा इस संबंधी दिए गए बयान में कोई सच्चाई नहीं है। इसलिए जांच उपरांत यह मामला रद्द कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों पर धारा 182 के तहत कार्रवाई की भी सिफारिश की है तथा बताया जा रहा है कि पुलिस को झूठी जानकारी देने के आरोप में यह कार्रवाई होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here