
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: रजनीश शर्मा। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद भी सोमवार को हमीरपुर प्रशासन की लापरवाही स्कूली बच्चों व अध्यापकों पर भारी पड़ी। अगर समय रहते आस-पास के लोग बचाव कार्य करके उन्हें न बचाते तो जहां एक घर का चिराग बुझ जाता वहीं, तीन घरों में बच्चों के सर से पिता का साया छिन जाता। एक तरफ यहां हिमाचल में खराब मौसम के कारण कई जगहों पर शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं वहीं, दूसरी तरफ हालात को देखते हुए भी जिला प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद करवाने की जहमत नहीं उठाई गई।

जिससे प्रशासन का उदासीन व लापरवाह रवैया उजागर होता है। स्कूल लगने के वक्त हुई मूसलाधार बारिश से जहाँ गलोड़ के पास लोअर हड़ेटा स्कूल के अध्यापक व बच्चे खड्ड में फँस गये वहीं प्रिंसिपल व एक अध्यापक सहित चार व्यक्ति पानी के बहाव में बह गये। बाद प्रिं. सुनील कुमार, शारीरिक शिक्षा अध्यापक पवन कुमार, पहली कक्षा के छात्र और स्थानीय व्यक्ति सुरेश कुमार को रेस्क्यू कर लिया गया। बडसर उप मंडल के धँगोटा में खड्ड में बाढ़ आने से धँगोटा बाजार की 16 दुकानें क्षतिग्रस्त हो गयी। वहीं हमीरपुर शिमला मार्ग पर मैड़ के पास अस्थायी पुल पानी के बहाव में बह गया। इसी बीच साईं राम कालेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड फार्मेसी टिप्पर गलौर की इमारत भी धराशाही हो गई। वाहनों को भोटा से पट्टा लदरौर भराड़ी के रास्ते शिमला भेजा जा रहा है।











