Tuesday, October 13, 2026
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मुख्यमंत्री की तरफ से माईक्रो और सीमित ज़ोनों के अंदर 100 प्रतिशत टेस्टिंग के निर्देश

Newly-elected Amritsar MP Capt Amarinder Singh in Sector 10 of Chandigarh on Monday, May 26 2014. Express photo by Sumit Malhotra

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरूवार को कोविड-19 के और फैलाव को रोकने के लिए माईक्रो ज़ोनों और सीमित जोनों में रैपिड एंटीजन टैस्ट विधि का प्रयोग करके 100 फीसदी टेस्टिंग किए जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। राज्य में कोविड की स्थिति का जायज़ा लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों, जि़ला पुलिस प्रमुखों और सिविल सर्जनों को पूरा ध्यान देकर संपर्क वाले व्यक्तियों ख़ासकर हर कोविड मरीज़ के संपर्क में आने वाले कम-से-कम 10 व्यक्तियों का पता लगाने के लिए कहा गया। उन्हें ज़्यादा मेल-जोल वाले पेशों वाले व्यक्तियों, जैसे दुकानदार, मंडियों में काम करने वाले कामगार और अग्रणी कतार वाले मुलाजि़मों के इसी हफ्ते के अंदर-अंदर टैस्ट करने के लिए निर्देश दिए और इस हफ्ते को टेस्टिंग हफ्ते के तौर पर एलाना। मुख्यमंत्री द्वारा यह भी निर्देश दिए गए कि समूचे दफ्तरों, व्यापारिक संस्थाओं, औद्योगिक ईकाइयों और मैरिज पैलेसों आदि जहां 10 से ज्य़ादा व्यक्ति इकठ्ठा होते हैं, में स्वास्थ्य और सुरक्षा उपायों की पूरी बारीकी के साथ पालना को यकीनी बनाने के लिए ‘कोविड मॉनीटरों’ की लाजि़मी नियुिक्त की जाए। यह मॉनिटर काम वाले स्थानों को साफ़ और कीटाणू रहित रखे जाने को यकीनी बनाने के लिए जि़म्मेदार होंगे।

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कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा कोविड से ठीक हो चुके मरीज़ों को न्योता दिया गया कि वह सरकारी मैडीकल कॉलेज पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट में स्थापित प्लाज़्मा बैंकों में प्लाज़्मा देने के लिए आगे आएं, जिससे कोरोनावायरस से प्रभावित मरीज़ों के इलाज के लिए इसका प्रयोग किया जा सके। लोगों में कोरोनावायरस के साथ जुड़ी नकारात्मक धारणाओं पर गहरी चिंता ज़ाहिर करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मुख्य सचिव को लोक संपर्क विभाग को लोगों को कोरोना टेस्टिंग की महत्ता संबंधी जागरूक करने के लिए पूरी तनदेही के साथ मुहिम शुरु करने के लिए निर्देश देने के लिए कहा, क्योंकि मौजूदा समय में लोग इसके साथ जुड़ी नकारात्मक धारणाओं के कारण टैस्ट करवाने से झिझकते हैं। अपनी ख़ुद की मिसाल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको ऐसी नकारात्मक धारणाओं का कोई डर नहीं और टैस्ट करवाए जाने सम्बन्धी वह ख़ुशी से अपनी वीडियो विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्मों पर साझा करेंगे, जिससे लोगों में टेस्टिंग करवाने सम्बन्धी आत्मविश्वास भरा जा सके, क्योंकि टेस्टिंग की, खासकर मौजूदा समय में मामलों में हुई वृद्धि के दौरान बहुत महत्ता है। इससे पहले कोरोना से बुरी तरह प्रभावित 4 जि़ले लुधियाना, जालंधर, पटियाला और अमृतसर के डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों, एस.एस.पीज़ और सिविल सर्जनों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने इन्हें अधिकारियों को जि़लों को सैक्टरों में बाँटने के लिए कहा, जिससे कोविड की स्थिति पर तीखी निगाह रखी जा सके और 100 प्रतिशत टेस्टिंग, निगरानी और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग यकीनी बनाने के लिए कहा।

हरेक सैक्टर की निगरानी गज़टेड रैंक के सिविल और पुलिस अधिकारियों की एक साझी टीम करेगी, जो उपरोक्त कामों को निर्धारित समय में पूरा करना यकीनी बनाएगी। उन्हें विशेष तौर पर इन शहरों के पुराने इलाकों में युद्ध स्तर पर टेस्टिंग शुरू करने के यत्नों को और तेज़ करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने रोज़ाना के आधार पर कोविड के बढ़ रहे मामलों से निपटने के लिए ज्ञान सागर अस्पताल और सिविल अस्पताल मोहाली में सामथ्र्य निर्माण को बढ़ावा देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री को मौजूदा कोविड स्थिति संबंधी अवगत करवाने के लिए एक संक्षिप्त पेशकारी देते हुए स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. के.के. तलवाड़ ने कहा कि नज़दीकी भविष्य में कोविड के मामलों के बढऩे के मद्देनजऱ किसी भी असुखद स्थिति से निपटने के लिए सभी मैडीकल कॉलेज और सरकारी अस्पताल मज़बूत मैडीकल बुनियादी ढांचे और शिक्षित डॉक्टरों और पैरा-मैडिकल स्टाफ के साथ लैस हैं।

विचार-विमर्श में हिस्सा लेते हुए डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार और धार्मिक संस्थाओं के अन्य मुखियों को विनती करें कि वह लोगों को अपने और अपने परिवार की इस जानलेवा वायरस से सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालन करने की अपील करें। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड महामारी के आगे फैलाव को रोकने के लिए सभी विभागों को शामिल करते हुए तालमेल आधारित पहुँच अपनानी चाहिए, जिसमें सीमित ज़ोनों में रैपिड एंटीजन टेस्टिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को तेज़ करना चाहिए। डी.जी.पी. ने बताया कि पूरी पुलिस फोर्स कोविड की बन्दिशों को लागू करने के लिए दिन-रात काम कर रही है और आम तौर पर लोग इसका पालन कर रहे हैं।

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