
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा की हिदायतों के अनुसार सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार विकास गर्ग द्वारा मिल्कफैड के एम.डी. कमलदीप सिंह संघा को जनरल मैनेजर मिल्क यूनियन लुधियाना और डी.जी.एम. (एच.आर.) को ड्यूटी में कोताही बरतने पर तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। इस मामले की पृष्ठभूमि बारे बताते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मिल्क यूनियन, लुधियाना में वेरका मिल्क बार कम फास्ट फूड ज्वाइंट चलाने का ठेका तीन सालों 1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2018 तक टैक्सों के बिना मैसर्ज दिवजोत एंटरप्राईज़, नयी दिल्ली को दिया गया था।

उपरोक्त समय पूरा होने के उपरांत, एक नया टैंडर जारी किया गया जिसको 5,20,000 रुपए (बिना टैक्स) प्रति महीना की कीमत पर मैसर्ज द अप्पर हाऊस लुधियाना को अलॉट किया गया परन्तु दिवजोत एंटरप्राईजज ने यह स्थान खाली करने से इन्कार कर दिया और जि़ला अदालत लुधियाना में केस दायर किया जिसका फ़ैसला अतिरिक्त जि़ला न्यायाधीश, लुधियाना ने 28 अगस्त 2018 को किया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता मैसर्ज दिवजोत एंटरप्राईजज 31 मार्च 2018 के बाद के समय के लिए उत्तरदाई पक्ष मिल्क यूनियन, लुधियाना को टैक्सों के अलावा 5,20,000 प्रति महीना जमा करवाएगा और उत्तरदाई पक्ष को मुआवज़ा देने बारे अंतिम फ़ैसला सालसी द्वारा किया जायेगा और इस राशि को उस राशि अनुसार समायोजित किया जायेगा।
दिवजोत एंटरप्राईजज की तरफ से अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं (आई) और उसके बाद आर.सी.एस. के स्तर पर की गई याचिकाएं रद्द कर दी गईं, जिसके उपरांत दिवजोत एंटरप्राईज़ ने मिल्क यूनियन को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अन्य मुकद्मों में शामिल किया।प्रवक्ता के अनुसार दिवजोत एंटरप्राईजज़ ने 14 सितम्बर 2020 को देर रात मिल्कफैड या मिल्क प्लांट की आज्ञा के बिना और बताए बिना मिल्क प्लांट की इमारत में से विमान एचयूएल 320 (जिसे फूड ज्वाइंट बनाया था) को बाहर निकाल लाया और इस दौरान प्रवेश द्वार को भी नुक्सान पहुँचाया। इसके अलावा अतिरिक्त जि़ला न्यायाधीश लुधियाना की तरफ से 28 अगस्त 2018 को दिए गए आदेशों के अनुसार दिवजोत एंटरप्राईजज़ को पावरकॉम के बिजली बिल की अदायगी न करने के बदले मिल्क प्लांट, लुधियाना को 1,51,22,828 रुपए देने के आदेश भी दिए गए हैं। प्रवक्ता ने आगे कहा कि काफ़ी समय होने के बावजूद न तो जी.एम ने इस घटना को पुलिस के उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाया और न ही मिल्क प्लांट में तैनात सुरक्षा गार्डों ने कोई तुरंत कार्यवाही की जो जीएम द्वारा ड्यूटी में कोताही बरतने का स्पष्ट संकेत है।
जी.एम. द्वारा तारीख़ 15 सितम्बर 2020 को दिवजोत इंटरप्राईजज को पत्र, जिसकी कॉपी डी.जी.एम (एच.आर) मिल्कफैड चंडीगढ़ को भी भेजी गई थी, में इस सारी घटना का पूरा जिक़्र था। यह मामला मुख्यालय स्तर पर डीजीएम (एच आर) और अन्य उच्च अधिकारियों या सरकार के ध्यान में लाना ज़रूरी था क्योंकि इसमें करोड़ों रुपए का वित्तीय मद्दे शामिल हैं।प्रवक्ता ने आगे बताया कि जी.एम. वेरका प्लांट और डी.जी.एम (एचआर) का व्यवहार पूरी तरह अनुचित था। इसलिए एम.डी मिल्कफैड को हिदायत की गई है कि सम्बन्धित अधिकारियों के खि़लाफ़ बड़े जुर्माने सहित अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये। इसके साथ ही दिवजोत एंटरप्राईजिज़ के विरुद्ध पूरी राशी वसूलने के लिए कार्यवाही शुरु की जाये और असफल रहने पर सरचार्ज सहित मिल्क प्लांट लुधियाना के जीएम के विरुद्ध कार्यवाही शुरू की जाये।











