Wednesday, November 4, 2026
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जालंधर: आदर्श चुनाव सहिंता का पालन करना समूह राजनीति पार्टियों और उम्मीदवारों का फ़र्ज़: ज़िला चुनाव अधिकारी

जालंधर(द स्टैलर न्यूज़)। डिप्टी कमिश्सनर -कम -ज़िला चुनाव अधिकारी घनश्याम थोरी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य चुनाव आयोग, पंजाब की तरफ से नगर पंचायतों और नगर कौंसिलों के आम मतदान की समय सारणी के ऐलान के बाद सभी चुनाव क्षेत्रों में ‘आदर्श चुनाव आचार संहिता ‘तुरंत प्रभाव के साथ लागू हो गई है जोकि चुनाव प्रक्रिया के पूरा होने तक लागू रहेगी।   

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उन्होनें कहा कि ज़िला जालंधर में आदर्श चुनाव आचार सहिंता का पालन करना सभी राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों का फ़र्ज़ है और उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही की जायेगी।

उन्होनें जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी उम्मीदवार या पार्टी ऐसा कोई काम न करे, जिससे सांप्रदायिक एकता और सदभावना को नुक्सान हो। चुनाव प्रचार के लिए धार्मिक स्थानों का प्रयोग न किया जाये। किसी की निजी ज़िंदगी के बारे में कोई भी टिप्पणी न की जाये। किसी की सहमति से बिना किसी के घर के अंदर या बाहर चुनाव प्रचार न किया जाये। मतदान में वोटरों को प्रभावित करने के लिए किसी भी तरह का लालच, नशा, भय, डर आदि न दिया जाये।

उन्होनें कहा कि धर्म, जाति या किसी धार्मिक चिन्ह के नाम पर वोटों की माँग न की जाए। उन्होंने प्रिंटिंग प्रैस के नाम की जानकारी के बगैर कोई भी सामग्री छापने से गुरेज करने और  प्रैस से छपकर बाहर जाने वाली हर सामग्री को बिल के साथ भेजने के लिए भी कहा।

उन्होंने कहा कि दूसरे उम्मीदवारों की चुनाव सभाओं में कोई विघ्न न डाला जाये। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को उम्मीदवार 4 बजे खुला चुनाव प्रचार बंद कर दें । पोलिंग स्टेशनों के 100 मीटर के अंदर प्रचार न किया जाये। वोटरों को निजी वाहनों पर पोलिंग स्टेशनों पर लाना चुनाव सहिंता का उल्लंघन माना जायेगा। चुनाव स्टाफ के आधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार सहन नहीं किया जायेगा और दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही की जायेगी। चुनाव प्रचार के लिए कोई भी सरकारी, सार्वजनिक या निजी संपत्ति या मशीनरी का प्रयोग चुनाव सामग्री लगाने के लिए नहीं किया जाये। निजी संपत्ति पर चुनाव सामग्री लगाने के लिए मालिक की लिखित इजाज़त लेना जरूरी है।

थोरी ने कहा कि वोटर्स स्लिपों पर चुनाव निशान या उम्मीदवार का नाम नहीं होना चाहिए। हर तरह के चुनाव प्रचार के लिए समर्थ अथारिटी से मंजूरी लेना जरूरी है। साउंड व्यवस्था प्रातःकाल 7 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित आवाज़ में ही इस्तेमाल की जा सकती है। सुनाया जाने वाला कंटैंट चुनाव आयोग के आदेशों अनुसार ही होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उम्मीदवार निर्धारित सीमा में ही रह कर चुनाव पर खर्च कर सकते हैं, जो कि रोज़ाना के खर्चा रजिस्टर में दर्ज किया जाना चाहिए। खर्च किए सम्बन्धित विवरण चुनाव दफ़्तर को नतीजे से 30 दिनों के अंदर जमा करवाना ज़रूरी है।

उन्होनें कहा कि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी राजनीतिक सक्रियता में शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होनें कहा कि चुनाव प्रचार या सरगर्मियों के लिए मंजूरी देने में कोई भी भेदभाव नहीं किया जायेगा। मंत्री या सरकार के प्रतिनिधि सरकारी तंत्र का प्रयोग नहीं कर सकते हैं और न ही कोई अनुदान आदि की घोषणा /जारी कर सकते हैं।

उन्होनें स्पष्ट किया कि आदरश चुनाव सहिंता लागू होने पर किसी तरह का उल्लंघन कानूनी अपराध है। इस पूरी चुनाव प्रीकिया पर नज़र रखने के लिए ऑब्जर्वर लगाए गए हैं।

 उन्होनें वोटरों को वोटिंग प्रक्रिया में अधिक से अधिक और इमानदारी के साथ हिस्सा लेने की अपील की।

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