जहानखेलां का पटवारी सोनू व उसका करिंदा योगराज रिश्वत मामले में गिरफ्तार, एडवोकेट संघा से मांगी थी रिश्वत

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होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। विजीलैंस विभाग पंजाब जालंधर रेंड एस.पी. दलजिंदर सिंह ढिल्लों के निर्देशों पर रिश्वत लेने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत डीएसपी होशियारपुर निरंजन सिंह की अगुवाई में कार्यवाही करते हुए विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्यवाही करते हुए माल विभाग के एक पटवारी व एक प्राइवेट करिंदे को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जानकारी देते हुए डीएसपी ने बताया कि प्रिंतपालजीत सिंह संघा पुत्र परमजीत सिंह संघा निवासी 209 कोर्ट रोड थाना सिटी ने विजीलैंस को शिकायत दी थी तथा उस पर कार्यवाही करते हुए योगराज (प्राइवेट करिंदा) को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते व माल विभाग के पटवारी सुरिंदर पाल उर्फ सोनू जहानखेलां के खिलाफ पुख्ता सबूत होने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

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उन्होंने बताया कि संघा ने शिकायत में बताया था कि वह वकील हैं व जिला कचहरी में प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने बताया था कि गांव बजवाड़ा में उनका जद्दी घर है जोकि 15 कनाल 01 मरला जमीन तथा जहानखेलां में 33 कनाल 12 मरले जमीन है। जिसमें से कुछ हिस्सा कंडी कनाल (नहरी विभाग) द्वारा 2008 में इक्वायर किया गया था व इसके बाद यह जमीन सरकार के खाते में चली गई थी। नहरी विभाग द्वारा इसका इंतकाल सरकार के खाते में नहीं चढ़ाया था। जिसके चलते उन्हें मुआवजा नहीं मिला था। इस संबंधी उनके पिता ने 2016 में सिविल कोर्ट में केस भी किया था। जिसका फैसला 4 जुलाई 2018 को उनके हक में हो चुका है। जिसकी कापी उनके पिता ने जहानखेलां के पटवारी सुरिंदर पाल उर्फ सोनू को दी थी ताकि वह सरकार के खाते में इंतकाल चढ़ा दे। परन्तु पटवारी ने इंतकाल चढ़ा कर आज तक मंजूर नहीं करवाया। जनवरी माह में जब वे पटवारी से मिले तो उन्होंने कहा कि उनकी जमीन संबंधी खतरों में फर्क है तथा पहले वे दरुस्ती करवाएं। इस पर उन्होंने खसरा नंबरों की दरुस्ती व इंतकालों की जांच संबंधी तहसीलदार को दो दरखास्तें दीं।

उन्होंने यह दरखास्तें उक्त पटवारी को मार्क कर दीं। पर बार-बार चक्कर मारने पर भी पटवारी ने इंतकाल दर्ज करके मंजूर नहीं करवाया। इसके बाद वे 24 फरवरी को पटवारी के एक प्राइवेट करिंदे योगराज पाल को मिले तो उसने कहा कि पटवारी ने बिना कुछ लिए आपका काम नहीं करना। इसके बाद उन्होंने करिंदे से कहा कि वह पटवारी से बात करवा दे तथा इस पर करिंदे ने कहा कि उसने आपसे सीधे बात नहीं करनी। इसके बाद 25 फरवरी को संघा को जिला कचहरी के गेट पर पटवारी मिला व उसने कहा कि वह उसके करिंदे से मिल लें तो उनका काम हो जाएगा। इसके बाद उन्होंने करिंदे योगराज से बात की तो उसने काम के बदले 30 हजार रुपये की मांग की। उनके कहने पर कि रुपये ज्यादा हैं तो करिंदे ने बात 25 हजार में तय की। इसके बाद संघा उनसे रुपये देने का झूठा वायदा करके वापिस आ गया।

इस पर कार्यवाही करने हेतु विजीलैंस की टीम जिसमें इंस्पैक्टर मनमोहन सिंह, सबइंस्पैक्टर अजयपाल सिंह, एएसआई जगरुप सिंह, एएसआई/एलआर अजीत सिंह, मुख्य सिपाही गुरदियाल सिंह, सीनियर सिपाही अरुण चेची, संदीप सिंह, जूझार सिंह पर आधारित टीम गठित की। इस दौरान सरकारी गवाह के तौर पर लेक्चरार विशाल अंगुराणा पंडित जगत राम बहुतकनीकी कालेज व ड्रग इंस्पैक्टर परमिंदर सिंह भी मौजूद थे। टीम ने कार्यवाही करते हुए पटवारी के करिंदे जोकि उसके लिए काम करता था को संघा से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया व रिश्वत की रकम बरामद की। इस दौरान पटवारी सोनू के खिलाफ पुख्ता सबूत सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ धारा 7, 7ए प्रीवेनशन ऑफ क्रप्शन एक्ट 1988 एज़ एमैंडड बॉय पीसी (एमैंडमेंट) एक्ट 2018 और 120 बी आईपीसी के तहत जालंधर ब्यूरो जालंधर रेंड में दर्ज करके आगे की जांच शुरु कर दी गई है।

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