पोते ने ही किया था दादी का कत्ल, 10 घंटों में सुलझायी अंधे कत्ल की गुत्थी: एसएसपी नवजोत माहल

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होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। एक बेहद खौफनाक घटना में नजदीकी गांव बस्सी काले खान में एक पोते द्वारा अपनी करीब 83 वर्षीय दादी को कत्ल करके आग लगाने का मामला सामने आया है, जिसे जि़ला पुलिस ने 10 घंटों के अंदर ही हल करके आरोपी को काबू कर लिया है। पूछताछ दौरान यह सामने आया कि आरोपी जुवराज सिंह उम्र करीब 17 साल ने इस वारदात को टी.वी. सीरियल देखकर अंजाम दिया था। एस.एस.पी. नवजोत सिंह माहल ने इस बारे जानकारी देते हुए बताया कि हरजीत सिंह निवासी गांव बस्सी काले खान थाना हरियाना की तरफ से बयान दिया गया था कि उसकी माता जोगिन्द्र कौर करीब साढ़े तीन महीने से दाहिनी टांग की हड्डी टूटने कारण बैड पर ही थी। हरजीत सिंह ने बताया कि 12 अप्रैल को उसके विवाह की वर्षगांठ होने के कारण वह अपनी पत्नी जसपाल कौर के साथ दोपहर करीब 2 बजे स्कूटर पर खरीददारी के लिए हरियाना गए थे और जब वह वापस गांव को आ रहे थे तो रास्ते में उसके बेटे जुवराज सिंह ने फ़ोन करके कहा कि जल्दी घर आ जाओ घर में कुछ लोगों ने हमला कर दिया है। जब हरजीत सिंह और उसकी पत्नी जसपाल कौर अपने एक पड़ोसी को साथ लेकर मेन गेट पर पहुंचे तो वह बंद पड़ा था जिस पर उन्होंने घर के छोटे गेट से दाखि़ल होकर अंदर देखा कि उनकी माता के कमरे में और बैड को आग लगी हुई थी। दूसरे कमरे में जुवराज सिंह बैड बॉक्स में लेटा पड़ा था और बैड बॉक्स के सभी कपड़े बिखरे पड़े थे और उसके हाथ पैर दुपट्टे के साथ बंधे हुए थे।

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17 वर्षीय पोते ने टी.वी. सीरियल देखकर वारदात को दिया था अंजाम, माता-पिता शादी की वर्षगांठ के लिए खऱीदारी के लिए गए थे बाज़ार
एस.पी. रविन्द्रपाल सिंह संधू, डी.एस.पी. गुरप्रीत सिंह और थाना हरियाणा प्रमुख पर आधारित टीम ने कुछ ही घंटों में में जांच मुकम्मल की

नवजोत सिंह माहल ने बताया कि हरजीत सिंह के बयानों के मुताबिक उन्होंने उसके हाथ पैर खोले और शोर पडऩे पर गांव के लोग भी इकठ्ठा हो गए जहां जुवराज ने बताया कि चार लोग सीढिय़ों के पास से घर में दाखि़ल हुए थे और उसको हाथ पैर बाध कर बैड में फेंक दिया था और दादी के कमरे और उनके बैड को आग लगा दी थी। उन्होंने बताया कि जुवराज ने कहा कि अज्ञात व्यक्तियों ने धमकी दी कि वह अपने पिता से बोलें कि केस वापस ले लो नहीं तो सारा परिवार मार दिया जायेगा। आग में बुजुर्ग का शरीर बुरी तरह जल गया था और उनके माथे के दाहिने तरफ़ गहरे जख्म का निशान था। पुलिस की तरफ से हरजीत सिंह के बयानों पर थाना हरियाणा में आई.पी.सी. की धारा 302 /201 /34 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

जि़ला पुलिस प्रमुख ने बताया कि मामले को सुलझाने के लिए एस.पी. (डी) रवीन्द्र पाल सिंह संधू, डी. एस. पी. (देहाती) गुरप्रीत सिंह और थाना हरियाना के इंस्पैक्टर हरगुरदेव सिंह पर आधारित टीम बनाई गई जिसने बहुत ही बारीकी के साथ जांच करते और हालातों को देखते हुए शक के आधार पर जुवराज सिंह से पूछताछ की तो यह पाया गया कि यह कत्ल सोची समझी साजिश के अंतर्गत जुवराज सिंह की तरफ से ही किया गया था। नवजोत सिंह माहल ने बताया कि टीम की तरफ से पूछताछ दौरान जुवराज ने बताया कि वह अपनी दादी से बहुत दुखी था और उसके कत्ल बारे सोचता रहता था। उसने ही 12 अप्रैल को दादी के सिर में लोहो की राड के साथ चोटे मार कर कत्ल करने के बाद तेल डालकर आग लगा दी और यह सारी कहानी बनाई जिसके बाद अपने माता-पिता को फ़ोन करके घर में हमला होने की झूठी जानकारी दी। गौरतलब है कि पुलिस ने आरोपी की तरफ से वारदात में इस्तेमाल की गई राड, तेल की कैनी और बोतल आदि बरामद कर ली है।

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