
नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। किसान आंदोलन पर कोई बड़ा फैसला हो सकता है। केंद्र सरकार की तरफ से किसानों की लंबित मांगों पर अभी तक स्थिति स्पष्ट न किए जाने और पांच सदस्यीय समिति को बातचीत के लिए कोई निमंत्रण न भेजने से संयुक्त किसान मोर्चा नाराज है। मंगलवार को आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई थी लेकिन उससे पहले ही अचानक पांच सदस्यीय कमेटी मोर्चा कार्यालय से निकल कर कहीं और रवाना हो गई है। चर्चा है कि कमेटी सरकार के नुमाइंदों के साथ बैठक करेगी। इस बैठक में एमएसपी समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में गुरनाम चढूनी, शिवकुमार कक्का, अशोक धवले और अन्य नेता मौजूद रहेंगे, वहीं सरकार की ओर से भी कई प्रतिनिधि मौजूद होंगे।

समिति के सदस्य युद्धवीर सिंह, गुरनाम सिंह चढूनी, शिवकुमार कक्का और अशोक धवले ने सोमवार को सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा था कि दो दिन सरकार के निमंत्रण का इंतजार किया है, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने अब आगे की रणनीति के लिए मोर्चा की पहले से गठित 9 सदस्यीय कमेटी के साथ भी बैठक की। पांच सदस्यीय समिति ने दिल्ली कूच के संकेत दिए थे। शिव कुमार कक्का ने कहा कि सरकार के रवैये को देखते हुए आंदोलन अभी जारी रहेगा। अशोक धवले ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कमेटी के गठन के बाद बाकी मसलों को लेकर बातचीत कुछ आगे बढ़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कमेटी के सदस्य युद्धवीर सिंह ने कहा कि बार-बार यह बात फैलाने का प्रयास किया जा रहा है कि किसानों की मांग पूरी हो गई, लेकिन किसान स्पष्ट करना चाहते हैं कि कोई मांग ऐसी नहीं है जो मांगपत्र से बाहर हो। बचे हुए विषयों को ही सरकार के सामने रखा है। सरकार ने पिछले दो दिन में उदासीनता दिखाई है। यह निराशाजनक है।












