
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। आवारा सांड द्वारा टक्कर मारे जाने से गंभीर घायल हुए डोमीनोज़ में कार्यरत शालीमान नगर निवासी नितिन वर्मा (19), जिसकी बाद में मृत्यु हो गई थी, की मां इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हो रही है। आलम यह है कि आन ड्यूटी मौत का ग्रास बने नितिन के परिवार को न तो कंपनी ने कोई मुआवजा दिया और न ही पुलिस व सरकार से इंसाफ मिला। नितिन की मां मीनू वर्मा ने दुख भरी दास्तां बताते हुए कहा कि 18 सितंबर की मनहूस देर शाम को जब उनका बेटा पीज़ा की डिलिवरी देने जा रहा था तो सिटी सेंटर के पास ही एक सांड ने उसे टक्कर मार दी और उससे उसके रीढ़ के मनके टूट गए और सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद जैसे ही उसे पता चला तो वह अपने बेटे को लेकर कभी एक अस्पताल तो कभी दूसरे अस्पताल भटकती रही। इतना ही नहीं बेटे को बचाने के लिए उसने जी जान से कोशिश की, लेकिन परमात्मा को कुछ और ही मंजूर था तथा आवारा सांड ने उसके बेटे को छीन लिया व 10 दिन बाद उसने दम तोड़ दिया था।

उन्होंने बताया कि बेटे के घायल होने व उसके इस संसार से जाने के बाद से न तो पुलिस व सरकार का कोई प्रतिनिधि उसके पास आया और न ही कंपनी ने उनकी कोई सुध ली। उन्होंने बताया कि वह शालीमार नगर की गली नंबर 9 में किराये के मकान में रहती हैं और उनका बेटा दिन में रयात बाहरा में पढ़ाई करता था और शाम को आकर रात तक डोमीनोज़ में डिलीवरी का काम करता था। उन्होंने नम आंखों से सरकार और जिला प्रशासन से उन्हें इंसाफ दिलाने की मांग की है।
गौरतलब है कि आवारा जानवरों की समस्या दिन-ब-दिन इस कद्र बढ़ रही है कि आए दिन इनके कारण कई लोग हादसों का शिकार होकर गंभीर घायल हो रहे हैं तो कईयों को गंभीर चोट आने से जान से हाथ धोना पड़ रहा है। भाषणों और दावों में आवारा जानवरों की समस्या पर काबू पाने की बात तो कही जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा। अब इस केस में यह देखना होगा कि उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस क्या कदम उठाते हैं तथा लोकल विधायक व मंत्री की क्या प्रतिक्रिया रहती है और उनके द्वारा इस परिवार की किस प्रकार सहायता की जाती है। परिवार की कोई मदद करना चाहता है तो मोबाइल नंबर (85580-95086) पर संपर्क करें।












