
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्टः रजनीश शर्मा। हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के किसानों को 90% सब्सिडी के साथ दीनदयाल उपाध्याय पॉलीहाउस योजना देकर न केवल उनके समृद्धशाली भविष्य की राह बनाई थी बल्कि प्रदेश के राजस्व में 2000 करोड रुपए का फायदा भी हमारी सरकार ने पहुंचाया था। रविवार को समीरपुर स्थित अपने निवास स्थान पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने भाजपा किसान मोर्चा सुजानपुर मंडल की टीम को संबोधित करते हुए यह बात कही। किसान मोर्चा की टीम पूर्व मुख्यमंत्री के साथ शिष्टाचार भेंट करने समीरपुर पहुंची थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का अन्नदाता किसान यदि समृद्ध और संपन्न होता है तो देश खुद ही संपन्न हो जाएगा इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में जब पहली बार हमारी सरकार बनी तो कृषि विभाग को बतौर मुख्यमंत्री स्वयं अपने पास हमने रखा था।

गौरतलब है कि प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं जिन्होंने कृषि विभाग अपने पास रखा था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जब पहली बार हमारी सरकार बनी तब प्रदेश की सेब की फसल 2000 करोड रुपए से कम होकर मात्र 900 करोड रुपए तक सिमट गई थी और इससे प्रदेश के बागवानों की आय में हो रहे 1100 करोड रुपए के घाटे की वजह से प्रदेश की जीडीपी कम होने का खतरा बन गया था। तब हम दीनदयाल उपाध्याय पॉलीहाउस योजना लेकर आए। उससे पहले प्रदेश में बेमौसमी सब्जियों की सालाना फसल मात्र ढाई सौ करोड रुपए की होती थी लेकिन उस वर्ष यह फसल बढ़कर 2250 करोड रुपए की हो गई और प्रदेश के राजस्व को 2000 करोड रुपए का फायदा तो हुआ ही साथ में प्रदेश के किसान, जिन्होंने इस योजना को अपनाकर बेमौसमी सब्जियां उगाना शुरू की उनकी आय में शानदार बढ़ोतरी हुई थी।
किसान मोर्चा के पदाधिकारी को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ दिलाना किसान मोर्चा के सदस्यों की जिम्मेदारी है। किसानों का जीवन और ज्यादा समृद्धशाली बने उनकी आय में ज्यादा बढ़ोतरी हो यह सभी विचार भाजपा की सरकारों के प्रमुख लक्ष्यों में से एक होते हैं। केंद्र की मोदी सरकार अनेकों योजनाएं किसानों के लिए चला रही है। प्रदेश में भाजपा की सरकारों ने किसानों की बेहतरी के लिए बहुत सी योजनाएं चलाई हैं। इन योजनाओं की जानकारी प्रत्येक किसान तक पहुंचे और यदि वह योजना का लाभ लेने के लिए हकदार है तो वह लाभ उसको मिले, इस बात की चिंता करना और उसे वास्तविकता में बदलना किसान मोर्चे का कार्य है। यदि किसी को किसान सम्मान निधि का पैसा अभी तक नहीं मिल रहा और वह योग्य है तो किसान मोर्चा के पदाधिकारी व सदस्य उसे वे लाभ प्राप्त करने में सहायता करें।












