
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सिविल अस्पताल के गाइना वार्ड में एक कमरे के बाहर हैंड मेड पोस्टर पर बीफ को प्रमोट किए जाने संबंधी खबर का पता चलते ही शहर की अलग-अलग धार्मिक संस्थाओं में रोष की लहर दौड़ गई है। डिलीवरी के बाद का वार्ड 3 कमरे के बाहर लगे इस पोस्टर पर आयरन के स्रोत दर्शाए गए हैं तथा इसके नीचे बीफ को भी दर्शाया गया है यानि कि गाय भैंस का मांस, जबकि पंजाब में गाय को मारने पर प्रतिबंध लगा हुआ है व अगर कोई ऐसा करता है तो उसकी खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही का प्रावधान किया गया है। क्योंकि, सनातन धर्म में गाय को धार्मिक दृष्टी से पूजा जाता है।

पोस्टर वायरल होते ही शहर की अलग-अलग धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इस तुरंत हटाने की मांग की और कहा कि जिस भी अधिकारी की निगरानी में यह पोस्टर लगाया गया होगा, उसे तुरंत यहां से हटाया जाए और अगर किसी स्टूडैंट ने इसे बनाया होगा व लगाया होगा तो उसे समझाया जाए ताकि भविष्य में ट्रेनिंग आदि पर आए बच्चे इस तरह की विषय को पोस्टर व पाठ्यक्रम में अंकित न कर सकें। क्षत्रिय करणी सेना पंजाब के अध्यक्ष लक्की ठकुर ने कहा कि यह बहुत ही दुख की बात है कि पंजाब खासकर संत नगरी होशियारपुर में इस तरह की जानकारी अंकित की गई है, जो हमारी धार्मिक निष्ठा के विपरीत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस पोस्टर को तुरंत न हटाया गया या पुनः ऐसे पोस्टर लगने पर रोक न लगाई गई तो अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।
इसी प्रकार अलग-अलग संस्साथाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी षड्यंत्र के तहत पंजाब में बीफ को बढ़ावा दिए जाने की योजना के तहत काम किया जा रहा है तथा इसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयरन के और भी बहुत सारे स्रोत होते हैं तथा अध्यापक वर्ग या अधिकारियों को वे लोगों को बताने चाहिए। लेकिन इस प्रकार बीफ को प्रमोट करना सरासर गलत है और धार्मिक भावनाओं के विपरीत है।
इस संबंधी बात करने पर एसएमओ डा. स्वाति ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नही है तथा वह इस संबंधी पता करके कार्यवाही करेंगी। उन्होंने पूछा कि पोस्टर हैंड मेड है या सरकारी। हैंड मेड बताए जाने पर उन्होंने जांच की बात कही।











