
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़), ज्योति गंगड़। लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए को बहुमत मिला है। अब देश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने जा रही है। हालांकि, भाजपा अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई है, जिसके कारण भाजपा को सत्ता में आने के लिए अपने सहयोगी दल जेडीयू, टीडीपी समेत अन्य छोटे दलों से मदद लेना पड़ेगा। एनडीए गठबंधन ने 292 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। चंद्रबाबू की पार्टी टीडीपी ने 16 सीटों के साथ दूसरी और नीतीश की जेडीयू 12 सीटों के साथ एनडीए में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। दोनों ही पार्टियां इस वक्त भाजपा के लिए जरूरी हैं।

इनके बिना भाजपा का सरकार बनाना मुश्किल है। इसके अलावा शिंदे गुट की शिवसेना ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं बिहार में चिराग पासवान को 5 सीटों पर जीत हासिल हुई है। आंधप्रदेश में नायडू की पार्टी टीडीपी ने 16 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की है। इसलिए अब माना जा रहा है कि चंद्रबाबू भाजपा सरकार को समर्थन देने के बदले में केंद्र सरकार में अहम मंत्रालय की डिमांड कर सकते है। सूत्रों का कहना है कि चंद्रबाबू नायडू की सबसे बड़ी डिमांड लोकसभा स्पीकर पद को लेकर रहने वाली है। इसके अलावा वे 5 से 6 मंत्रालय भी मांग सकते हैं।
इसके अलावा नायडू केंद्र में सड़क-परिवहन, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, आवास एवं शहरी मामले, कृषि, जल शक्ति, सूचना एवं प्रसारण, शिक्षा और वित्त मंत्रालय में राज्यमंत्री पद जैसे अहम मंत्रालय मांग सकते हैं। इसके अलावा नायडू आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य की मांग भी कर सकते हैं। यह उनकी काफी पुरानी मांग रही है। चंद्रबाबू नायडू के अलावा नीतीश कुमार भी मोदी सरकार 3.0 में 3 कैबिनेट मंत्री पद और 2 राज्य मंत्री पद चाहती है। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार भी केंद्र सरकार में ज्यादा हिस्सेदारी चाहते है। वे अहम मंत्रालयों की डिमांड कर सकते हैं। वहीं शिंदे सेना भी एक कैबिनेट और एक राज्यमंत्री पद की डिमांड कर सकते हैं।












