Monday, October 26, 2026
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भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर को मिली सफलता, आईएसएस जाने वाले बने पहले सदस्य

नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर ने बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान को अंतर-राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से सफलापूर्वक जोड़ने में कामयाबी हासिल की है। हालांकि इसे करने में रास्ते में बहुत सी मुश्किलें आई, लेकिन आखिरकार सफलता मिल गई है। वह तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुई हैं। इस उड़ान के साथ ही दोनों ने बोइंग कंपनी के स्टारलाइनर यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले सदस्य बनकर इतिहास रच दिया। इतना ही नहीं, विलियम्स उड़ान परीक्षण के लिए पायलट हैं जबकि 61 वर्षीय विल्मोर मिशन के कमांडर हैं। नासा ने नई अपडेट जारी करते हुए बताया कि रिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से लॉन्च होने के लगभग 26 घंटे बाद गुरुवार को एक बजकर 34 मिनट पर बोइंग अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक आईएसएस में उतारा। 

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विलियम्स ने प्रक्षेपण के दौरान समर्थन देने के लिए अपने परिवार और मित्रों का आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास यहां एक और परिवार है, जो बहुत बढ़िया है। और हम अंतरिक्ष में आकर बहुत खुश हैं। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।” सुनीता विलियम्स  अंतरिक्ष में पहुंचते  खुशी से डांस करती  दिखीं जिसका वीडियो खूब वायरल हो रहा है। अब यह उनकी तीसरी अंतरिक्ष यात्रा है। जब वह अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंची तो कुछ खास अंदाज में नजर आईं। वह अंतरिक्ष पहुंचते ही खुशी से झूमती दिखीं। उन्होंने इस दौरान डांस भी किया और आईएसएस पर सवार सात अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को गले लगाया। बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर सवार होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के रास्ते में अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर ने उड़ान क्षमता (मैनुअल पायलटिंग) का परीक्षण भी किया। दोनों ने अंतरिक्ष यान के सदस्यों के तौर पर अपने हाथों में इसका नियंत्रण लेकर इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाली सुनीता पहली महिला बन गई हैं।

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