
हमीरपुर, (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। बाजार में इंसानों को गर्मी से राहत देने के लिए ठंडे पानी की कई छबीलें लगी हुई थी लेकिन कृष्णानगर की उषा ने पानी पीने से इंकार कर दिया। उषा व्याकुल और चिंता में थी क्योंकि हीरानगर और कृष्णानगर के जंगलों की आग में कई बेजुबान जानवर जल चुके थे। जो बचे थे वे जानवर पानी और खाने की तलाश में भटक रहे थे। उषा बीमार बेटी का ऊना से हाल चाल पूछ वापिस कृष्णानगर लौट रही थी , जैसे ही कृष्ण घर के पास पहुंची जंगल की आग में जले जानवरों की हड्डियां देख सिहर गई। मानवीय संवेदना जाग उठी और बिन कुछ सोचे समझे डीसी हमीरपुर के पास पहुंच गई।

कौन है उषा
उषा एक गरीब परिवार से संबंधित महिला है जोकि कृष्णानगर में एक झोंपड़ी नुमा रिहाईश में रहती है। घरों में खाना बना अपने परिवार को पाल रही है। दो बेटियां हैं दोनों की शादी हो चुकी है। खुद की बाजू टूटने से टेढ़ी हो गई है जबकि पति बीमार रहते हैं।
डीसी अमरजीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया जब मामला डीसी के दरबार पहुंचा तो महिला की बेजुबान जानवरों के प्रति हमदर्दी और दर्द देख डीसी अमरजीत सिंह भी भावुक हो गए। उन्होंने तुरंत डीएफओ, एसडीएम और जिला पंचायत अधिकारी को इस मैटर को लेकर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने आम लोगों को भी जंगलों को आग से बचाने तथा जीव जंतुओं के लिए दाना पानी जंगलों के आसपास रखने की अपील की है।











