
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। अमृतसर के प्रसिद्ध श्री दुर्ग्याणा मंदिर की पिछली ओर दो एकड़ से ज्यादा सैन्य संपदा है, लेकिन वहां गंदगी, आवारा जानवरों और मच्छरों को पैदा करने वाले छप्पड़ हैं। वर्षों से कभी पंजाब सरकार के मंत्री, कभी नगर निगम के कमिश्नर और दो बार सैन्य संपदा अधिकारियों को यह सब कुछ दिखाया गया है, पर हमें इसका कोई समाधान नहीं मिला। कल मंगलवार को इसी गंदगी के आसपास दो सौ से ज्यादा कारें और स्कूटर लगे थे। हजारों लोग पैदल मंदिर की ओर जा रहे थे। उन्हें अत्यंत बदबू भरे वातावरण में गंदगी के बीच से मंदिर तक जाना पड़ा।

मेरा अमृतसर प्रशासन विशेषकर नगर निगम से यह प्रश्न है कि यह ठीक है कि यह जमीन सेना की है, पर यहां जो गंदगी फैली है या आवारा जानवरों के समूह घूम रहे हैं, अवैध डेयरी भी चल रही है उसे तो नगर निगम दूर कर सकता है। अगर वहां सफाई का प्रबंध किया जाए तो मैं नहीं मानती कि सेना के अधिकारी सफाई नहीं करने देंगे। नगर निगम और प्रशासन के पास एक बहाना है जमीन सेना की है, पर कूड़ा तो सेना का नहीं। नगर निगम का तो कोई कर्तव्य है। यहां की गंदगी और मच्छरों से कई बीमारियां फैलती हैं, लेकिन सरकार का यह हाल है कि कोई मरे कोई जीवे, सुथरा घोल पतासा पीवे। यहां सब धृतराष्ट्र बने बैठे हैं।












