
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। होशियारपुर के ब्लाक भूंगा के तहत पड़ते गांव गिल्लां निवासी एक पशुपालक का घर गंदे पानी की निकाली न होने के चलते गंदे पानी का तालाब बन चुका है और बार-बार गुहार लगाए जाने के बावजूद भी किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा उनकी समस्या का समाधान किया जाना जरुरी नहीं समझा जा रहा। और तो और मामला जिलाधीश के ध्यान में लाए जाने के बावजूद भी उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है।

आलम यह है कि अब तो उनके मुख से एक ही शब्द निकल रहा है और वह मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कह रह हैं कि “मुख्यमंत्री जी साडे तिन दिन तों चूला नी बलेया अते साडी कोई सुनवाई नहीं हो रही, जदों मर जावांगे तां मुआवजा दे के वाह वाह खट्ट लिओ, जींदेयां दी कोई सुणवाई नई। साडा जीणा मुहाल बणेया होया है अते साडी समस्या दा कोई हल नहीं कड रिहा।”
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की एक टीम जब बशीर अली के घर का दौरा करने गई तो उसने भी समस्या के हल सबंधी हाथ खड़े कर दिए और उसे साफ रखने की नसीहत देकर चली गई। सारा मामला बशीर के रिश्तेदार द्वारा पानी निकासी को बंद करने से जुड़ा हुआ है और बशीर का कहना है कि वह उसका बड़ा भाई है, जिसने उनके घर के गंदे पानी की निकासी को बंद कर रखा है तथा वह किसी भी तरह से मानने को तैयार नहीं हो रहा। बशीर ने कहा कि समस्या का हल न होने के कारण उनके घर में चूल्हा नहीं जला है और उसका परिवार बड़ी मुश्किल में समय गुजारने को विवश हो रहा है। बढ़ती गंदगी के कारण उनका परिवार बीमारियों से जूझ रहा है तथा पशुओं के लिए भी मुश्किल बनी हुई है। सारा घर गंदे पानी से भरा हुआ है और बारिश के कारण घर के भीतर 4-4, 5-5 फिट पानी भर जाता है, जिससे बैठना तो दूर खड़े रहना भी मुहाल बन जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की कि वह उनकी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करें ताकि वह भी सुखी एवं खुशहाल जीवन जी सकें।












